डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर बालटोरिया मोड़ कांग्रेस कार्यालय में कार्यक्रम, वक्ताओं ने किया महान वैज्ञानिक को नमन
हामिद सिद्दीकी बोले— डॉ. कलाम का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा, शिक्षा और वैज्ञानिक सोच से ही देश का भविष्य होगा मजबूत
कुल्टी। भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक एवं ‘मिसाइल मैन’ के नाम से विख्यात डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर बालटोरिया मोड़ स्थित कांग्रेस कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में एडवोकेट हामिद सिद्दीकी, सचिव सीडब्ल्यूसी, इंटक, कुल्टी ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष जाकिर हुसैन, बाबू बनर्जी एवं इम्तियाज खान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. कलाम के व्यक्तित्व, उनके संघर्षपूर्ण जीवन, वैज्ञानिक उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. कलाम ने अपनी प्रतिभा, सादगी, अनुशासन और दूरदर्शी सोच से न केवल भारत को वैज्ञानिक क्षेत्र में नई पहचान दिलाई, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा भी दी।
इस अवसर पर एडवोकेट हामिद सिद्दीकी ने अपने संबोधन में कहा, “डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम केवल देश के पूर्व राष्ट्रपति ही नहीं थे, बल्कि वे करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा के स्रोत थे। उनका जीवन हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और शिक्षा के बल पर बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है। उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की वैज्ञानिक प्रगति, युवाओं के विकास और भारत को आत्मनिर्भर एवं शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के सपने को समर्पित किया।”
उन्होंने आगे कहा, “आज के युवाओं को डॉ. कलाम के विचारों से प्रेरणा लेकर शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और सामाजिक जिम्मेदारियों के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। किसी भी देश की असली ताकत उसके युवा होते हैं। यदि युवाओं को सही दिशा, बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलें, तो भारत का भविष्य और भी उज्ज्वल हो सकता है। डॉ. कलाम को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और देश व समाज की तरक्की में अपनी भूमिका निभाएं।”
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी डॉ. कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महान वैज्ञानिक के योगदान को याद करने के साथ-साथ युवाओं में शिक्षा, राष्ट्रप्रेम, मेहनत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
अंत में उपस्थित लोगों ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के आदर्शों पर चलने तथा देश और समाज के विकास में सकारात्मक योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया।










