इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल ने आयोजित किया भव्य सम्मान समारोह
आसनसोल में छह उत्कृष्ट शिक्षकों को मिला ‘विद्या रत्न आइकॉन अवॉर्ड 2026
‘चेयरमैन संजय सिन्हा बोले- शिक्षक सिर्फ किताबी ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि राष्ट्र के असली शिल्पकार हैं
आसनसोल:शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल की ओर से एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। संस्था के आसनसोल स्थित मुख्य कार्यालय में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट और सराहनीय प्रदर्शन करने वाले छह शिक्षकों को ‘विद्या रत्न आइकॉन अवॉर्ड 2026’ से विभूषित किया गया।संस्था के चेयरमैन व प्रख्यात मीडिया पर्सनैलिटी संजय सिन्हा ने चयनित शिक्षकों को अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों में पंकज कुमार चौरसिया, उदय भान चौबे, सुमन कुमारी प्रमाणिक, विनय रजक, आफरीन नासिर और संजीव कुमार शामिल हैं। सम्मान पाकर सभी शिक्षकों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने संस्था के इस अनूठे प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की।शिक्षक दिवस केवल औपचारिक उत्सव नहीं: संजय सिन्हासमारोह को संबोधित करते हुए काउंसिल के चेयरमैन संजय सिन्हा ने शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “शिक्षक केवल कक्षाओं में पढ़ाने वाले नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण से लेकर समाज और राष्ट्र के निर्माण तक की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। शिक्षक ज्ञान देने के साथ-साथ जीवन को सही दिशा देने, संस्कारों को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी का निर्माण करने का काम करते हैं।”उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षक दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव या खानापूर्ति नहीं है, बल्कि यह शिक्षकों के प्रति सच्चे सम्मान, कृतज्ञता और आत्ममंथन का अवसर है। शिक्षक की भूमिका सिर्फ ब्लैकबोर्ड और किताबों तक सीमित नहीं होती; विद्यार्थी अपने गुरु के व्यवहार, विचार, अनुशासन और उनकी संवेदनशीलता से सबसे ज्यादा सीखते हैं। इसलिए एक शिक्षक का संपूर्ण व्यक्तित्व ही विद्यार्थियों के लिए स्वयं में एक जीवंत पाठ होता है।वरिष्ठ पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थितिइस अवसर पर शिक्षकों का हौसला बढ़ाने के लिए संस्था के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से डॉक्टर हरे राम प्रसाद, अमित सिंह, कृष्णा प्रसाद और चंदन कुंडू उपस्थित थे, जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई और सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी।










