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आसनसोल में 10 दिवसीय कलरीपायट्टु प्रशिक्षण शिविर का आगाज, महिला आत्मरक्षा पर जोर

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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आसनसोल में 10 दिवसीय कलरीपायट्टु प्रशिक्षण शिविर का आगाज, महिला आत्मरक्षा पर जोर

पश्चिम बंगाल समेत दूसरे राज्यों से पहुंचे छात्र-छात्राएं, विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी की पहल पर आयोजित शिविर में करीब 180 प्रतिभागी ले रहे प्रशिक्षण

आसनसोल, पश्चिम बंगाल महिलाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आसनसोल के पोलो मैदान स्थित इंडोर स्टेडियम में 10 दिवसीय कलरीपायट्टु प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी की पहल पर आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी प्रतिभागी पहुंचे हैं।


शिविर के उद्घाटन समारोह में पश्चिम बर्धमान के जिला शासक एस. पन्नमबलम, आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस कमिश्नर प्रणव कुमार, आसनसोल राइफल क्लब से पप्पू ढल, आसनसोल महिला कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. स्वाति चक्रवर्ती सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

केरल की प्राचीन मार्शल आर्ट है कलरीपायट्टु, डीएम

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पश्चिम बर्धमान के जिला शासक एस. पन्नमबलम ने कहा कि कलरीपायट्टु केरल राज्य की एक प्राचीन और पारंपरिक मार्शल आर्ट है। इसे आज भी बड़ी संख्या में लोग सीखते और अभ्यास करते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण छात्रों से लेकर पेशेवर मार्शल आर्टिस्ट तक के लिए उपयोगी है।
डीएम ने कहा कि आसनसोल इंडोर स्टेडियम में लड़कियों के लिए इस तरह का प्रशिक्षण आयोजित किया जाना एक अच्छी पहल है। इससे लड़कियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे पढ़ाई या काम के सिलसिले में बाहर निकलते समय अधिक आत्मविश्वास के साथ परिस्थितियों का सामना कर सकेंगी।

हर छह महीने में आयोजित होगा प्रशिक्षण, कृष्णेंदु मुखर्जी

आसनसोल उत्तर के भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति को मजबूत करने की दिशा में यह पहल की गई है। उनका कहना है कि महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा की तकनीक सीखनी चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे स्वयं अपनी रक्षा कर सकें।
विधायक ने बताया कि यह पहला प्रशिक्षण सत्र है और भविष्य में हर छह महीने में एक बार इस तरह के प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की योजना है। केरल से करीब 10 प्रशिक्षकों की टीम आसनसोल पहुंचकर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दे रही है।
उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल आत्मरक्षा की तकनीक सिखाना नहीं, बल्कि महिलाओं और लड़कियों में मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास, अनुशासन और एकाग्रता विकसित करना भी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह का प्रशिक्षण पूरे पश्चिम बंगाल में शुरू किया जा सकता है।

160 के लक्ष्य के मुकाबले 200 से ज्यादा पंजीकरण

कृष्णेंदु मुखर्जी ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर के लिए शुरुआत में 160 प्रतिभागियों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन लोगों की भारी रुचि के कारण लगभग 200 से 250 पंजीकरण हुए। इनमें से करीब 180 प्रतिभागी प्रशिक्षण शिविर में मौजूद हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के लिए किसी प्रतिभागी से शुल्क नहीं लिया गया है। शिविर को आसनसोल स्पोर्ट्स क्लब एसोसिएशन द्वारा प्रायोजित किया गया है। प्रतिभागियों में आसनसोल और आसपास के इलाकों के अलावा पुरुलिया और झारखंड से आए लोग भी शामिल हैं।
विधायक के अनुसार अगले छह महीने में आयोजित होने वाले अगले प्रशिक्षण सत्र की तारीख 10 अक्टूबर को घोषित की जाएगी।

आसनसोल गर्ल्स कॉलेज में भी शुरू हुआ प्रशिक्षण

आसनसोल महिला कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. स्वाति चक्रवर्ती ने बताया कि उनके कॉलेज में भी सितंबर महीने से कलरीपायट्टु प्रशिक्षण शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज के जीबी प्रेसिडेंट बिधान मुखर्जी और पश्चिम बर्धमान के विधायक के सहयोग से छात्राओं के लिए कॉलेज परिसर में ही प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज के समय में महिला सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। छात्राओं को आत्मरक्षा, साहस और शारीरिक-मानसिक मजबूती के लिए इस तरह के प्रशिक्षण से जुड़ना चाहिए।

मोबाइल पर निर्भरता के बीच एकाग्रता बढ़ाने में भी मददगार

डॉ. स्वाति चक्रवर्ती ने कहा कि आज स्कूल और कॉलेज के कई छात्र मोबाइल पर अधिक समय बिताते हैं, जिससे मानसिक दबाव बढ़ सकता है। नियमित रूप से मार्शल आर्ट का अभ्यास करने से शारीरिक सक्रियता के साथ-साथ एकाग्रता और अनुशासन विकसित करने में भी मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि कलरीपायट्टु में आत्मरक्षा के साथ कई तरह की तकनीकें और अभ्यास शामिल हैं। प्रतिभागियों को विभिन्न शारीरिक तकनीकों के साथ एकाग्रता और समन्वय का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे आगे आएं, इस पारंपरिक मार्शल आर्ट में रुचि लें और नियमित अभ्यास के जरिए अपनी आत्मरक्षा के प्रति जागरूक बनें।

महिला आत्मरक्षा को लेकर बढ़ी भागीदारी

आसनसोल में आयोजित इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की मौजूदगी से महिला आत्मरक्षा और मार्शल आर्ट प्रशिक्षण को लेकर लोगों की रुचि सामने आई है। आयोजकों के मुताबिक, प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को आगे चलकर अन्य महिलाओं और छात्राओं को भी आत्मरक्षा की तकनीक सिखाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।