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उजाड़ अभियान में भारी हंगामा, DVC को घेरकर स्थानीय लोगों का तूफानी विरोध पुलिस की मध्यस्थता से शांत हुआ मामला, बिना नोटिस निजी संपत्तियों पर कार्रवाई न करने का मिला आश्वासन

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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उजाड़ अभियान में भारी हंगामा, DVC को घेरकर स्थानीय लोगों का तूफानी विरोध

पुलिस की मध्यस्थता से शांत हुआ मामला, बिना नोटिस निजी संपत्तियों पर कार्रवाई न करने का मिला आश्वासन

कुल्टी/मैथन:DVC (दामोदर वैली कॉर्पोरेशन) के उजाड़ अभियान को लेकर लेफ्ट बैंक इलाके में जबरदस्त तनाव फैल गया। DVC प्रशासन पर अपने क्वार्टरों को तोड़ने की आड़ में आम लोगों के निजी मकानों और दुकानों को भी ध्वस्त करने की धमकी देने का आरोप लगा है। इस तानाशाही के खिलाफ कल से शुरू हुए अभियान के बीच स्थानीय निवासियों ने सड़क जाम कर उग्र प्रदर्शन किया।भारी पुलिस बल के साथ उतरा दस्तामिली जानकारी के अनुसार, लेफ्ट बैंक इलाके में DVC का सुरक्षा बल और राज्य पुलिस की भारी फौज अवैध कब्जे हटाने उतरी थी। प्रशासन ने करीब 110 DVC आवासों (क्वार्टरों) को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन आरोप है कि इस कार्रवाई के दौरान अधिकारी आम नागरिकों के निजी घरों और दुकानों तक जा पहुंचे और उन्हें जल्द ही जमींदोज करने की धमकी देने लगे।बिना नोटिस धमकी से भड़के लोगबिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के मिली इस धमकी से स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और DVC प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चक्का जाम कर दिया। स्थानीय निवासी शिप्रा मुखर्जी ने तीखा आक्रोश जताते हुए कहा:”बिना कोई कानूनी नोटिस दिए ये लोग अचानक हमारे निजी घर तोड़ने की धमकी दे रहे हैं। प्रशासन पहले यह साबित करे कि यह जमीन DVC की है। हमारे पास मौजूद जानकारी के अनुसार यह वन विभाग और वेस्टेड (खास) जमीन है। पिछले 50 वर्षों से सैकड़ों गरीब परिवार यहाँ घर और दुकान बनाकर अपनी आजीविका चला रहे हैं। अब अचानक DVC की नजर इस कीमती जमीन पर पड़ गई है।”पुलिस के दखल के बाद टला टकरावमाहौल को बिगड़ता देख मौके पर तैनात पुलिस के आला अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस की मध्यस्थता में सड़क पर ही DVC अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच एक आपात बैठक हुई। बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए DVC प्रबंधन बैकफुट पर आया और लिखित या कानूनी नोटिस के बिना किसी भी निजी मकान या दुकान को न छूने का मौखिक आश्वासन दिया। इस भरोसे के बाद ही लोगों का गुस्सा शांत हुआ और सड़क जाम हटाया गया।