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* कुल्टी: साइबर अपराधियों पर ADPC का ‘ऑपरेशन साइबर प्रहार’, मोचीपाड़ा गैंग में मचा हड़कंप*

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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* कुल्टी: साइबर अपराधियों पर ADPC का ‘ऑपरेशन साइबर प्रहार’, मोचीपाड़ा गैंग में मचा हड़कंप*

*कुल्टी:* साइबर अपराध का गढ़ बन चुके नियामतपुर मोचीपाड़ा पर आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से मोचीपाड़ा से जुड़े साइबर ठगों की एक लंबी-चौड़ी लिस्ट तैयार की गई है, जिसमें स्थानीय थानों के अलावा सीमावर्ती इलाकों के दर्जनों शातिरों के नाम शामिल हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर DD और साइबर सेल की टीम ने *’ऑपरेशन साइबर प्रहार’* के तहत शिल्पांचल के विभिन्न इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है।

जहां एक ओर पुलिस कमिश्नर द्वारा साइबर जागरूकता अभियान पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर साइबर सेल की टीम हर दिन आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दे रही है।

*लालबत्ती इलाके से नेहा हिरासत में, निशानदेही पर दो गिरफ्तार*

इसी क्रम में लक्षीपुर के लालबत्ती क्षेत्र में छापेमारी कर नेहा नामक एक यौनकर्मी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। उसी की निशानदेही पर पुलिस ने नियामतपुर प्रिया कॉलोनी निवासी सुबोध दीप बनर्जी को गिरफ्तार किया। इसके बाद गुरुवार देर रात आलडी धोबीपाड़ा से आनंद रजक को उसके घर से धर दबोचा गया।

शुक्रवार सुबह दोनों आरोपियों को आसनसोल कोर्ट में पेश कर पुलिस ने रिमांड की मांग की है।

*साइबर नेटवर्क चरमरा गया, अपराधी इलाका छोड़ फरार*

लगातार हो रही छापेमारी से मोचीपाड़ा का पूरा साइबर नेटवर्क चरमरा गया है। कई शातिर अपराधी इलाका छोड़कर फरार हो गए हैं। पुलिस मोबाइल ट्रैकिंग और गुप्तचरों के जाल से एक-एक ठिकाने पर दबिश दे रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह कार्रवाई जारी रही तो नियामतपुर पर लगे साइबर अपराध के काले दाग को जल्द मिटाया जा सकता है और पूरे रैकेट की कमर टूट जाएगी।

हालांकि बड़ा सवाल यही है कि यह सख्ती कब तक जारी रहेगी? क्योंकि पिछले कई वर्षों से देखने में आया है कि अंतरराज्यीय पुलिस से लेकर स्थानीय पुलिस तक कई बार छापेमारी करती है, लेकिन कुछ समय बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है और ये ठग फिर से सक्रिय होकर अपना ग्राफ और बढ़ा लेते हैं।