पुरुलिया : यहां जलधर महतो ने ज्योतिर्मय सिंह महतो को कार गिफ्ट करके उम्मीदवार की जगह ले ली है। ज्योतिर्मय सिंह महतो के करीबी जलधर महतो को आप पर थोपा जा रहा है। शांतिराम महतो यहां की धरती के बेटे हैं। हमने कैंडिडेट का पद उसे दिया है जो जनता के सबसे करीब हो। यह बात सांसद और तृणमूल कांग्रेस के ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को पुरुलिया में बलरामपुर कॉलेज के पास मैदान में तृणमूल कैंडिडेट शांतिराम महतो की चुनावी रैली में कही।
उन्होंने कहा, बलरामपुर का कम्युनिकेशन सिस्टम पूरी तरह बदल गया है। सड़कें चकाचक हो गई हैं। 2018 के पंचायत चुनाव से ठीक पहले बलरामपुर के दो BJP कार्यकर्ताओं त्रिलोचन महतो और दुलाल कुमार की मौत हो गई थी। उन्होंने अप्राकृतिक मौतों पर राजनीति करके बलरामपुर में अशांति फैलाने की कोशिश की थी। 2021 में शांतिराम महतो यहां हार गए थे। मौतों पर राजनीति करने वालों, तब अमित शाह आए और कहा कि उनके परिवार के किसी सदस्य को केंद्र सरकार में नौकरी देंगे। आज 8 साल हो गए त्रिलोचन महतो या दुलाल कुमार के भाई ज्योतिर्मय सिंह महतो को फोन किया, उन्होंने फोन नहीं उठाया। वे आठ साल तक कोई वादा पूरा नहीं कर सके, उन्हें पुरुलिया या बलरामपुर के लोगों से वादा करने का कोई हक नहीं है। 2011 में हमारी सरकार आने से पहले बलरामपुर में क्या हालत थी। सुबह 10 बजे थाने पर ताला लगा दिया जाता था। पर आज बलरामपुर के लोग खुलेआम घूम रहे हैं। अब लोग बलरामपुर होकर अयोध्या जाते हैं, लेकिन यहां कोई भी ट्रेन समय पर नहीं आती। 18 तारीख को हावड़ा चक्रधरपुर एक्सप्रेस 5 घंटे से ज़्यादा लेट आई। पुरुलिया एक्सप्रेस 18 तारीख को 2 घंटे 20 मिनट लेट आई, और कल रात 3 घंटे से ज़्यादा लेट आई। मोदी की गारंटी का मतलब है ज़ीरो वारंटी। जो ट्रेन समय पर नहीं आ सकती, वह आपको पानी, लक्ष्मी भंडार और कचू क्या देगी। मैं उनसे कहूंगा कि वे धर्म के आधार पर जय श्री राम बोलकर राजनीति करते हैं, यहां शांति है, राम हैं, शांति राम महतो हैं। आपको लाइन में लगकर वोट देना है। चाहे गर्मी में मुश्किल हो, चाहे तूफान हो, पानी हो, बारिश हो, आप लाइन में लगकर वोट देंगे ।










