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SAIL-ISP ट्रेड यूनियन चुनाव

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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प्रेस विज्ञप्ति (Press Release)दिनांक: १३ सितम्बर २०२६SAIL-ISP ट्रेड यूनियन चुनाव:

39 महीने के वेज एरियर और 58 महीने के पर्क एरियर की लड़ाई केवल BMS ही जीत सकती है: भारतीय मजदूर संघबर्नपुर/आसनसोल:सेल-आईएसपी (SAIL-ISP) में आने वाले 24 सितम्बर को होने जा रहे ट्रेड यूनियन चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस चुनावी महासमर में भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़ा दांव खेला है। बीएमएस ने स्पष्ट किया है कि पूरे सेल (SAIL) के कर्मचारियों के लिए 39 महीने का वेज एरियर और 58 महीने का पर्क एरियर (Perks Arrear) मिलने की जो भी उम्मीद आज बची हुई है, वह सिर्फ और सिर्फ बीएमएस के कड़े और ऐतिहासिक स्टैंड की वजह से है।समझौतावादी यूनियनों ने कर्मचारियों के हक को बेचा, BMS ने बरकरार रखी उम्मीदयूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यदि भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने भी अन्य तीन यूनियनों—INTUC, AITUC और HMS की तरह प्रबंधन के साथ MOU पर आँख बंद करके हस्ताक्षर कर दिए होते, तो आज एरियर की यह मांग और कर्मचारियों की उम्मीद हमेशा के लिए खत्म हो चुकी होती। इन तीन यूनियनों ने केवल समझौतावादी नीति अपनाई और कर्मचारियों के हक का सौदा कर लिया। लेकिन बीएमएस ने इस पर हस्ताक्षर करने से साफ मना कर दिया और कर्मचारियों के हक की मशाल को बुझने नहीं दिया।CLC की बैठक में प्रबंधन का अड़ियल रवैया, अब केवल कानूनी रास्ताबीएमएस नेतृत्व ने बताया कि इस विषय को लेकर यूनियन ने मुख्य श्रम आयुक्त (CLC) की मौजूदगी में प्रबंधन के साथ उच्च स्तरीय बैठक की थी। उस बैठक में प्रबंधन ने साफ-साफ शब्दों में कह दिया कि वह कर्मचारियों का बकाया एरियर नहीं देगा। प्रबंधन के इस अड़ियल रुख के बाद यूनियनों के पास केवल कानून का ही रास्ता बचता है।अमूमन ऐसी स्थिति में यूनियनों को पहले ट्रिब्यूनल (Tribunal) जाना पड़ता है, और यदि ट्रिब्यूनल में मामला असफल रहता है तो फिर हाई कोर्ट का रुख करना पड़ता है। इस पूरी प्रक्रिया में कई साल लग जाते हैं और कर्मचारियों का भारी नुकसान होता है।हाई कोर्ट से जीत तय: अधिकारियों के पर्क एरियर की तर्ज पर कर्मचारियों को मिलेगा हकबीएमएस ने इस समय-सीमा की बर्बादी को भांपते हुए पहले से ही इस मामले को सीधे माननीय हाई कोर्ट में चैलेंज कर दिया है। यूनियन को पूरा भरोसा है कि जल्द ही हाई कोर्ट में इस पर अंतिम सुनवाई होगी और फैसला कर्मचारियों के पक्ष में आएगा।बीएमएस ने मजबूत तर्क देते हुए कहा, “जब वर्ष 2008 के पर्क एरियर के लिए सेल के अधिकारी (Officers) हाई कोर्ट में लड़ाई लड़कर अपना हक ले सकते हैं, तो यह तो हमारे खून-पसीने की कमाई का वेज एरियर (Wage Arrear) है। हमारी जीत निश्चित है, क्योंकि न्यायपालिका पर हमें पूरा भरोसा है।”कर्मचारियों से बीएमएस की अपील: अधिकार बेचने वालों को सत्ता से बाहर करेंचुनाव के इस निर्णायक मोड़ पर भारतीय मजदूर संघ (BMS) सेल-आईएसपी के सभी सम्मानित कर्मचारियों से यह भावुक और पुरजोर अपील करता है कि आने वाले 24 सितम्बर को बीएमएस के पक्ष में मतदान करें और भारी बहुमत से विजयी बनाएं। कर्मचारियों को अब यह तय करना होगा कि उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा करने वाली बीएमएस चाहिए, या फिर वो लोग चाहिए जो सिर्फ और सिर्फ प्रबंधन की चौखट पर जाकर कर्मचारियों के हकों का समझौता करते हैं। अब समय आ गया है कि समझौतावादी ताकतों को यहाँ से उखाड़ फेंका जाए।- भारतीय मजदूर संघ (BMS) मीडिया सेलसेल-आईएसपी (SAIL-ISP), बर्नपुर