20 टन कोयला पकड़ा, लेकिन असली खेल अब भी बेनकाब नहीं!
सत्ता बदली, दावे बदले… फिर भी कोयला तस्करी का खेल जारी?
कुल्टी। धेमोमेन कोलियरी के खरमाबाद इलाके में शनिवार को ईसीएल सुरक्षा कर्मियों ने करीब 20 टन अवैध कोयला जब्त किया। कार्रवाई हुई, कोयला पकड़ा गया, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा सवाल फिर खड़ा हो गया—अगर लगातार छापेमारी और जब्ती हो रही है, तो अवैध कोयले का खेल पूरी तरह बंद क्यों नहीं हो रहा?
जुलाई 2026 में भी सीआईएसएफ ने ईसीएल के विभिन्न इलाकों से 85.93 टन अवैध कोयला बरामद किया था। केंद्र की ओर से ‘जीरो कोल लीकेज’ की बात कही जा रही है, लेकिन जमीन पर बार-बार अवैध कोयला मिलने से दावों पर सवाल उठना लाजिमी है।
मामला सिर्फ 20 टन कोयले का नहीं है। अवैध खनन, ढुलाई और बिक्री के पीछे आखिर कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है? ईडी की कार्रवाई और कथित कोयला सिंडिकेट से जुड़े मामलों ने पहले ही इस पूरे कारोबार की गंभीरता सामने रखी है।
अब सबसे बड़ा सवाल प्रशासन से है—कोयला जब्त करने तक कार्रवाई सीमित रहेगी या उस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जाएगा, जहां से कोयला निकाला गया, किसके संरक्षण में निकाला गया और आखिर इसे भेजा कहां जाना था?
20 टन कोयला पकड़ा गया है, लेकिन असली सवाल यह है—क्या इस बार कोयले के साथ उसके पीछे छिपे पूरे खेल को भी पकड़ा जाएगा?










