50 मिनट की देरी ने खोल दी फायर सिस्टम की पोल! नियामतपुर की आग के बाद कुल्टी में स्थायी दमकल केंद्र की मांग तेज
कांग्रेस का सवाल—आग बुझाने के लिए 50 मिनट इंतजार क्यों? पूजा से पहले कुल्टी में अस्थायी फायर ब्रिगेड तैनात करने की मांग
कुल्टी: नियामतपुर के श्यामलाजा अपार्टमेंट में बीती रात करीब एक बजे लगी भीषण आग ने एक बार फिर कुल्टी की अग्निशमन व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आग की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन कांग्रेस नेता एडवोकेट राजेश्वर शर्मा का दावा है कि आसनसोल से दमकल की गाड़ी को घटनास्थल तक पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। इस देरी को लेकर अब कुल्टी में स्थायी फायर स्टेशन की मांग जोर पकड़ने लगी है।
पश्चिम बर्दवान जिला ओबीसी कांग्रेस के चेयरमैन एडवोकेट राजेश्वर शर्मा ने कहा कि रात के समय किसी तरह दमकल मौके तक पहुंच गई, लेकिन अगर यही घटना दिन के व्यस्त समय में होती और सड़क पर जाम लगा होता, तो स्थिति और भयावह हो सकती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि लगभग पांच लाख की आबादी वाले कुल्टी इलाके में आखिर एक स्थायी फायर स्टेशन क्यों नहीं है?
शर्मा के मुताबिक, घटनास्थल का निरीक्षण करने के दौरान अपार्टमेंट के सुपरवाइजर और वहां रहने वाले लोगों ने भी आग के दौरान दम घुटने जैसी स्थिति की बात कही। उनका कहना है कि कुछ मिनटों की अतिरिक्त देरी भी किसी बड़ी जनहानि में बदल सकती थी।
पुलिस पहुंची, लेकिन दमकल के इंतजार ने बढ़ाई चिंता
शर्मा ने कहा कि आग लगने की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी और कुल्टी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। उन्होंने पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी निभाई, लेकिन अग्निशमन व्यवस्था को लेकर अब गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस की ओर से कुल्टी थाना के इंस्पेक्टर इनचार्ज को उचित माध्यम से ज्ञापन सौंपकर तत्काल कदम उठाने की मांग की गई है।
कांग्रेस की तीन बड़ी मांगें
पहली मांग: दुर्गापूजा तक कुल्टी में तत्काल अस्थायी दमकल व्यवस्था की जाए और इसके बाद स्थायी फायर स्टेशन स्थापित किया जाए।
दूसरी मांग: दिसरगढ़, नियामतपुर, सीतारामपुर, कुल्टी बाजार और सकतोड़िया सहित महत्वपूर्ण इलाकों में त्वरित आपदा प्रतिक्रिया दल की व्यवस्था की जाए, ताकि आग या अन्य आपदा की स्थिति में शुरुआती स्तर पर ही राहत कार्य शुरू हो सके।
तीसरी मांग: आपात स्थिति में किस नंबर पर संपर्क करना है, इसकी जानकारी प्रमुख स्थानों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए।
‘पूजा के उत्सव के बीच सुरक्षा से समझौता क्यों?’
राजेश्वर शर्मा ने कहा कि दुर्गापूजा के बाद कालीपूजा, जगद्धात्री पूजा और छठ जैसे बड़े पर्व आने वाले हैं। ऐसे समय में बाजारों, अपार्टमेंटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में आग लगने की आशंका को देखते हुए स्थानीय स्तर पर दमकल की व्यवस्था बेहद जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुल्टी इलाके में कई इमारतों के निर्माण और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल हैं। उन्होंने पुराने नगर निगम बोर्ड और प्रशासक बोर्ड के कार्यकाल में बने कथित अवैध फ्लैटों की जांच तथा उनकी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग भी उठाई।
अब सवाल सिर्फ एक अपार्टमेंट में लगी आग का नहीं है। सवाल यह है कि अगर अगली बार आग किसी और बहुमंजिला इमारत में लगी, तो दमकल को पहुंचने में फिर 50 मिनट लगेंगे या उससे भी ज्यादा?
कुल्टी की बड़ी आबादी और लगातार बढ़ते शहरीकरण के बीच नियामतपुर की घटना ने प्रशासन के सामने यही सवाल खड़ा कर दिया है—आग लगने के बाद दमकल पहुंचेगी या आग बुझने के बाद?










