SAIL कर्मचारियों के Arrears को लेकर फिर उठा विवाद, CLC बैठक में यूनियनों ने 2017-2020 के बकाया भुगतान की मांग उठाई

नई दिल्ली/बर्नपुर: SAIL कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण से जुड़े 01 जनवरी 2017 से 31 मार्च 2020 तक के Arrears को लेकर 3 सितंबर 2026 को Chief Labour Commissioner (Central) के कार्यालय में Conciliation Meeting हुई। बैठक में यूनियन प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों के बकाया भुगतान सहित अन्य मांगों को प्रमुखता से उठाया।
यूनियनों ने कहा कि 22 अक्टूबर 2021 के MOU के अनुसार नई Pay Scales 01 जनवरी 2017 से प्रभावी हैं। इसलिए 01.01.2017 से 31.03.2020 तक के Arrears का भुगतान किया जाना चाहिए। यूनियनों का कहना है कि MOU में इस अवधि के लिए केवल Notional Calculation किए जाने का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
बैठक में यूनियन प्रतिनिधियों ने NJCS की बैठक जल्द बुलाने, 2017-2020 के Arrears के मुद्दे का अंतिम समाधान करने तथा नई Wage Revision के अनुसार HRA लागू करने की मांग भी रखी।
वहीं, Management की ओर से कहा गया कि Ministry of Steel/Government of India से प्राप्त मंजूरी के अनुसार वास्तविक भुगतान 01 अप्रैल 2020 से किया जाना था और उसी के अनुसार भुगतान किया गया है। प्रबंधन के अनुसार 01.01.2017 से 31.03.2020 की अवधि को Notional Calculation के लिए लिया गया था।
प्रबंधन ने यह भी बताया कि 09 दिसंबर 2025 को NJCS की Sub-Committee/Bipartite Committee की बैठक हुई थी, लेकिन उस बैठक में मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन सकी।
यूनियन प्रतिनिधियों ने Management के इस पक्ष से असहमति जताते हुए कहा कि कर्मचारी उक्त अवधि के Arrears के हकदार हैं और प्रबंधन को बकाया राशि का भुगतान करना चाहिए।
बैठक में शामिल यूनियन प्रतिनिधि
Vidya Sagar Giri — Vice President, AITUC
Debabrata Hota — Secretary, SMEFI, HMS
Biplab Das — Secretary, HMS/DSPPEU
Biplab Maji — General Secretary, AISHY/INTUC, Burnpur
Lalit Mohan Misra — CITU
बैठक के दौरान Chief Labour Commissioner (Central) ने दोनों पक्षों को औद्योगिक शांति और सौहार्द के हित में बातचीत जारी रखने की सलाह दी। बातचीत के परिणाम से अगली Conciliation Meeting में अवगत कराने को कहा गया।
दोनों पक्षों की सहमति से कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अब इस मामले की अगली Conciliation Meeting 20 नवंबर 2026 को सुबह 11:30 बजे होगी।










