खड़गपुर नगरपालिका में अविश्वास प्रस्ताव पर घमासान, वाम-कांग्रेस के पार्षदों पर कार्रवाई के संकेत
खड़गपुर नगरपालिका के नगर प्रमुख के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में कांग्रेस के चार और माकपा के एक पार्षद ने समर्थन में हाथ उठाया। खास बात यह कि दोनों दलों ने अपने पार्षदों को अविश्वास प्रस्ताव से दूर रहने का निर्देश दिया था।
माकपा जिला सचिवमंडली के सदस्य सबुज घोड़ाई ने कहा कि पार्टी निर्देश की अवहेलना हुई है तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष चिरंजीव भौमिक ने कहा कि पार्टी अपने पार्षदों से लिखित स्पष्टीकरण मांग रही है और जरूरत पड़ने पर कड़ा निर्णय लिया जाएगा।
इधर, पद से हटाई गईं नगर प्रमुख कल्याणी घोष ने आरोप लगाया कि कुछ पार्षद उनसे “मोटी रकम” मांग रहे थे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को प्रश्रय नहीं देंगी और समय आने पर सब कुछ बताएंगी।
अविश्वास प्रस्ताव का नेतृत्व करने वाले पूर्व नगर प्रमुख प्रदीप सरकार ने आरोपों को साबित करने की चुनौती देते हुए कहा कि उनके पास भी कल्याणी घोष के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार के प्रमाण हैं।
खड़गपुर की राजनीति में इस घटनाक्रम के बाद नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है।










