नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी के खिलाफ कुल्टी थाने पर हल्ला बोल, कार्यकर्ताओं ने की जोरदार नारेबाजी
कुल्टी: नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश चरम पर है। इस दमनकारी कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार शाम कुल्टी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने कुल्टी थाने का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।यह प्रदर्शन कुल्टी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुकांत दास और वरिष्ठ नेताओं एडवोकेट हामिद सिद्दीकी, बाबू बनर्जी, अब्दुल सत्तार खान, सलाउद्दीन खान, सादिरुद्दीन खान, हसन खान और अन्य की अगुवाई में किया गया। शाम करीब 5:30 बजे भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता कुल्टी थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।’राजनीतिक साजिश के तहत हुई गिरफ्तारी’प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। नेताओं का आरोप है कि नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी को पूरी तरह से एक राजनीतिक साजिश के तहत गिरफ्तार किया गया है। चुनाव के ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस कार्यकर्ता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।क्या है पूरा मामला?घोषणा के तुरंत बाद कार्रवाई: नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन मिलने की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।19 साल पुराना केस: पुलिस के मुताबिक, मिलन प्रधान को साल 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े एक बेहद पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ हत्या और दंगा भड़काने जैसे गंभीर आरोपों में वारंट लंबित थे।प्रचार से दूर रखने की कोशिश: कोर्ट ने प्रत्याशी को 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर चुनाव प्रचार से दूर रखने के लिए इस समय जेल भेजा गया है।बढ़ेगा आंदोलन:थाने के घेराव के दौरान कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि प्रत्याशी को जल्द से जल्द रिहा नहीं किया गया, तो यह विरोध-प्रदर्शन केवल कुल्टी तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में इस दमनकारी नीति के खिलाफ पूरे राज्य में एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।










