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*बच्चों को सुरक्षित बचाने से लेकर यात्रियों के खोए सामान की बरामदगी तक: आसनसोल मंडल की रेलवे सुरक्षा बल ने दर्ज कीं महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ* *अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान 229 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया तथा यात्रियों के सामान की 461 वस्तुएँ बरामद की गईं।*

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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प्रेस विज्ञप्ति सं.: ER/ASN/2026/10/24

*बच्चों को सुरक्षित बचाने से लेकर यात्रियों के खोए सामान की बरामदगी तक: आसनसोल मंडल की रेलवे सुरक्षा बल ने दर्ज कीं महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ*

*अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान 229 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया तथा यात्रियों के सामान की 461 वस्तुएँ बरामद की गईं।*

आसनसोल, 15 अक्टूबर 2026:

रेलवे स्टेशन प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही के साक्षी बनते हैं। प्रत्येक यात्रा अपने साथ अनेक आशाएँ और जिम्मेदारियाँ लेकर चलती है। यात्रियों की भीड़ के बीच कभी कोई बच्चा अपने परिवार से बिछड़ सकता है, कोई यात्री अपना कीमती सामान भूल सकता है अथवा किसी व्यक्ति को अचानक चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में त्वरित कार्रवाई और समय पर सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक की छह माह की अवधि के दौरान पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने यात्रियों की सहायता, असहाय एवं जरूरतमंद व्यक्तियों की सुरक्षा तथा अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए विभिन्न अभियान चलाए और उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं।

*बच्चों एवं असहाय व्यक्तियों की सुरक्षा*

ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के अंतर्गत आरपीएफ ने 229 बच्चों को सुरक्षित बचाया। इनमें 174 बालक एवं 55 बालिकाएँ शामिल हैं। पिछले वर्ष की इसी अवधि में 211 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया था।

ऑपरेशन आहट (मानव तस्करी निरोधक अभियान) के अंतर्गत 7 बालकों को सुरक्षित बचाया गया तथा 3 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

ऑपरेशन डिग्निटी के अंतर्गत 17 बुजुर्ग व्यक्तियों को सहायता प्रदान कर सुरक्षित बचाया गया। इनमें 6 पुरुष एवं 11 महिलाएँ शामिल हैं।

यात्रियों के खोए हुए सामान की बरामदगी

यात्रा के दौरान बैग अथवा अन्य निजी सामान खो जाने से यात्रियों को काफी परेशानी और चिंता का सामना करना पड़ सकता है। ऑपरेशन अमानत के अंतर्गत आरपीएफ ने यात्रियों के सामान की 461 वस्तुएँ बरामद कीं, जिनका कुल अनुमानित मूल्य ₹50,81,131 है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में 356 वस्तुएँ बरामद की गई थीं, जिनका मूल्य ₹49,92,846 था।

*आवश्यकता के समय यात्रियों को सहायता*

ऑपरेशन सेवा के अंतर्गत 75 व्यक्तियों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में 74 व्यक्तियों को सहायता प्रदान की गई थी।

ऑपरेशन मातृशक्ति के अंतर्गत ट्रेन में प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला को आवश्यक सहायता प्रदान की गई।

*मादक पदार्थों एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई*

– ऑपरेशन नारकोस: गांजा तस्करी से संबंधित 5 मामले दर्ज किए गए। इस दौरान 83.08 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसका अनुमानित मूल्य ₹41,57,000 है।

– ऑपरेशन सतर्क: अवैध शराब से संबंधित 81 मामले दर्ज किए गए तथा 63 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। बरामद शराब का मूल्य ₹9,28,080 था। इसके अतिरिक्त, ₹39,60,000 मूल्य की चाँदी से संबंधित 2 मामले तथा ₹20,400 मूल्य के तंबाकू से संबंधित 1 मामला भी दर्ज किया गया।

– ऑपरेशन उपलब्ध: रेलवे अधिनियम की धारा 143 के अंतर्गत 16 मामले दर्ज किए गए तथा 19 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। पिछले वर्ष की इसी अवधि में 11 मामले दर्ज किए गए थे तथा 13 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था।

– ऑपरेशन वाइलैप (WILEP): वन्यजीव संरक्षण से संबंधित कार्रवाई के दौरान एक मॉनिटर लिज़र्ड (गोह) तथा दो जीवित कछुए बरामद किए गए। इस संबंध में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।

– जन विश्वास पहल: उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, इस पहल के अंतर्गत 4,633 व्यक्तियों से संबंधित कार्रवाई दर्ज की गई तथा कुल ₹53,70,500 का जुर्माना लगाया गया।

*रेलवे सुरक्षा एवं अनुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रयास*

– ऑपरेशन महिला सुरक्षा: महिला कोचों में अनधिकृत रूप से यात्रा करने के संबंध में 2,065 मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में 3,879 मामले दर्ज किए गए थे।

– ऑपरेशन संरक्षा: पथराव की घटनाओं से संबंधित 16 मामले दर्ज किए गए तथा 9 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। पिछले वर्ष की इसी अवधि में 22 मामले दर्ज किए गए थे तथा 17 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था।

– ऑपरेशन भूमि: रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए 13 अभियान चलाए गए, जिनके दौरान 272 अतिक्रमण हटाए गए।

*सुरक्षित रेल यात्रा के लिए जनसहयोग आवश्यक*

यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपने सामान की सुरक्षा का ध्यान रखें, बच्चों एवं बुजुर्ग परिजनों पर विशेष ध्यान दें तथा किसी भी लावारिस वस्तु या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल अथवा रेलकर्मियों को दें। रेलवे ट्रैक केवल अधिकृत स्थानों से ही पार करें तथा चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने से बचें।

प्रत्येक सुरक्षित रेल यात्रा के पीछे सतर्कता, समय पर सहायता और जनसहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यात्रियों की सहायता, बचाव कार्यों तथा अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई के माध्यम से पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल की रेलवे सुरक्षा बल सुरक्षित रेल परिवेश सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही है।

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