बराकर में ‘सेवा-सेतु’ का भव्य आगाज, एक छत के नीचे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने उमड़ी भीड़
बराकर। आम लोगों को सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शुक्रवार को कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के बराकर स्थित बेगुनिया प्राथमिक विद्यालय परिसर में ‘सेवा-सेतु अभियान’ के तहत विशेष शिविर की शुरुआत हुई। शिविर का उद्घाटन मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने फीता काटकर किया।
उद्घाटन के बाद डॉ. पोद्दार ने शिविर में लगाए गए विभिन्न काउंटरों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। शिविर में योजनाओं से संबंधित जानकारी लेने, आवेदन जमा करने और प्रपत्र भरने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंचे।
इस दौरान अन्नपूर्णा योजना, आयुष्मान भारत, वृद्धावस्था पेंशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन और सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। ‘सेवा-सेतु’ जैसे शिविरों का उद्देश्य लोगों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी और आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराना है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार पश्चिम बंगाल में 2 अक्टूबर से तीन दिवसीय विशेष ‘सेवा-सेतु’ शिविरों के माध्यम से विभिन्न सामाजिक योजनाओं के लिए आवेदन की सुविधा दी जा रही है।
‘आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे विकास, तभी सेवा सार्थक’
शिविर को संबोधित करते हुए डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे, इसी उद्देश्य से इस तरह के सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सेवा गतिविधियों के तहत रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य सेवा और अस्पतालों में मरीजों की सहायता जैसे कार्यक्रमों पर भी जोर दिया जा रहा है। उनका कहना था कि जनसेवा केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसका लाभ वास्तविक लाभार्थी तक पहुंचना जरूरी है।
तीन दिनों तक चलेगा शिविर
आयोजकों के अनुसार बराकर बेगुनिया प्राथमिक विद्यालय परिसर में यह शिविर 2, 3 और 4 अक्टूबर तक चलेगा। तीन दिनों के दौरान स्थानीय लोग विभिन्न योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
शिविर के संचालन में सोनू चौरसिया, बाबू कर्मकार और बिट्टू विश्वकर्मा सहित कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
स्थानीय लोगों के लिए यह शिविर इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अलग-अलग योजनाओं की जानकारी और आवेदन संबंधी सहायता एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि शिविर के माध्यम से कितने पात्र लाभार्थियों के आवेदन स्वीकार होते हैं और कितने लोगों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचता है।










