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बिना हेलमेट कलाई सूनी, तो पुलिस ने बांधी राखी; सिर खाली देखा तो पहनाया सुरक्षा का ‘हेलमेट कवच’ बेगुनिया मोड़ पर बराकर सब ट्रैफिक गार्ड की अनूठी पहल, राहगीरों को बांटी मिठाइयां और मुफ्त हेलमेट

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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बिना हेलमेट कलाई सूनी, तो पुलिस ने बांधी राखी; सिर खाली देखा तो पहनाया सुरक्षा का ‘हेलमेट कवच’

बेगुनिया मोड़ पर बराकर सब ट्रैफिक गार्ड की अनूठी पहल, राहगीरों को बांटी मिठाइयां और मुफ्त हेलमेट

बराकर।सड़क सुरक्षा और भाई-बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन के संगम का एक बेहद खूबसूरत और भावुक नजारा आज बराकर ‘बेगुनिया मोड़’ पर देखने को मिला। बराकर सब ट्रैफिक गार्ड के प्रभारी विनय कुमार के कुशल नेतृत्व में आज, 28 अगस्त 2026 को एक विशेष ‘राखी बंधन सह सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस अनूठी मुहिम ने न सिर्फ चालकों को सुरक्षा का अहसास कराया, बल्कि पुलिस के मानवीय चेहरे से स्थानीय लोगों का दिल भी जीत लिया।
“आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प: कलाई पर राखी का धागा,
तो सिर पर हो हेलमेट का सुरक्षा कवच!”
यमराज को मात देगी बहन की राखी और पुलिस का हेलमेट कार्यक्रम के दौरान बराकर सब ट्रैफिक गार्ड की लेडी सिविक वालंटियर्स और ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभाला। सड़क से गुजरने वाले स्थानीय निवासियों, राहगीरों और विशेष रूप से बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने वाले चालकों को रोका गया। पुलिस ने उनका चालान काटने या डांटने के बजाय त्योहार के पारंपरिक अंदाज में उनका स्वागत किया। महिला पुलिसकर्मियों ने चालकों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा।नियम तोड़ने वालों को सजा की जगह मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया गया।सुरक्षा की सीख: चालकों को जागरूक करते हुए बताया गया कि घर पर कोई उनका इंतजार कर रहा है, इसलिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। जेब से नहीं, दिल से कटी ‘रसीद’— पुलिस ने गिफ्ट किए नए हेलमेटइस पूरे आयोजन का सबसे जबरदस्त और आकर्षक हिस्सा वह रहा, जब ट्रैफिक गार्ड की तरफ से बिना हेलमेट वाले मोटरसाइकिल सवारों को मुफ्त में नए हेलमेट प्रदान किए गए। पुलिस अधिकारियों ने चालकों के सिर पर खुद हेलमेट पहनाया और उनसे हाथ जोड़कर भावुक अपील की कि वे आज के बाद कभी भी बिना हेलमेट के गाड़ी न चलाएं। पुलिस से मिले इस अनोखे ‘रिटर्न गिफ्ट’ को पाकर कई वाहन चालकों की आंखें नम हो गईं।चालान से बड़ा बदलाव है जागरूकता। बराकर सब ट्रैफिक गार्ड के ओसी बिनय कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कानून का डर दिखाना नहीं, बल्कि ‘हेलमेट के उपयोग और सड़क सुरक्षा’ के प्रति सकारात्मक जागरूकता फैलाना था। त्योहार के पावन मौके पर जब पुलिस ने बहन की तरह रक्षा का दायित्व निभाया, तो स्थानीय जनता और राहगीरों ने भी तालियां बजाकर इस मुहिम का स्वागत किया।