*“बिहार के समावेशी और सतत विकास की दिशा में सार्थक संवाद”*
आज का दिन वास्तव में विचारों, विमर्श और भविष्य की संभावनाओं से भरा रहा। मेरे आग्रह पर हमारे माननीय आईएसपी ईडी (वर्क्स) *“श्री विपिन कुमार सिंह सर”* ने बिहार के रोसड़ा विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक श्री बीरेंद्र कुमार भैया,जो हमारे सहकर्मी श्री देवानंद जी के भ्राता भी हैं, से भेंट की। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं रही, बल्कि बिहार के सर्वांगीण विकास पर एक गंभीर और दूरदर्शी संवाद में परिवर्तित हो गई।
चर्चा की शुरुआत
1) आरएसएस की कार्यात्मक शैली से हुई—कैसे संगठन अनुशासन, जमीनी जुड़ाव और सेवा-भाव के माध्यम से समाज निर्माण में योगदान देता है। यह मॉडल विकासात्मक पहलों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है।
2) इसके पश्चात बिहार में औद्योगिकीकरण पर गहन विचार हुआ। “माननीय ईडी (वर्क्स) *“श्री विपिन कुमार सिंह सर”* ने *“कार स्क्रैप आधारित उद्योगों का अत्यंत व्यावहारिक सुझाव दिए*”, जिनमें कम निवेश में अधिक लाभ और रोजगार की व्यापक संभावनाएँ हैं।
3) इसके साथ ही, मैंने आईओए अध्यक्ष के रूप में यह सुझाव रखा कि बिहार में *ऑटोमोबाइल उद्योग*—टाटा मोटर्स, होंडा, हुंडई जैसे—स्थापित किए जाएँ, जिससे राज्य को औद्योगिक पहचान मिल सके।
4) बिहार में आधारभूत संरचना विकास की अपार संभावनाएँ हैं, जिनमें सेल–आईएसपी से वायर रॉड्स और बार्स की आपूर्ति उचित माध्यम से की जा सकती है। इससे गुणवत्ता के साथ-साथ सार्वजनिक उपक्रमों और राज्य के बीच सहयोग भी सुदृढ़ होगा।
5) कोसी नदी की बाढ़ के पानी के समुचित उपयोग,
6) हरित क्रांति को पुनर्जीवित करने, और किसानों को नकदी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया गया।
7) साथ ही, नए मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज,
8) जमीनी स्तर पर कौशल विकास,
9) पर्यटन सुविधाओं का विस्तार,
10) बड़े पैमाने पर शिक्षकों की बहाली, और शिक्षा पर विशेष ध्यान—इन सभी को सामाजिक विकास की आधारशिला माना गया।
11) चीनी मिलों को शीघ्र पुनः प्रारंभ करने की आवश्यकता पर भी सहमति बनी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को गति मिले।
12) सांस्कृतिक दृष्टि से यह विचार भी सामने आया कि लखनऊ की तर्ज पर पटना में बॉलीवुड की एक शाखा विकसित की जानी चाहिए।
ये सभी विचार बिहार में *माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार महाशय* के नेतृत्व में हुए सकारात्मक परिवर्तनों—बेहतर कानून-व्यवस्था, रोजगार के बढ़ते अवसर, तथा सड़कों, बिजली और पानी में उल्लेखनीय सुधार—के परिप्रेक्ष्य में रखे गए।
*आज का संवाद इस विश्वास को और सुदृढ़ करता है कि बिहार का भविष्य सामूहिक सोच, व्यावहारिक योजना और ठोस क्रियान्वयन में निहित है।*
सादर,
सुशील कुमार सुमन
अध्यक्ष, आईओए










