Dastak Jo Pahunchey Har Ghar Tak

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on email

*आद्रा मंडल ने चलाया मॉक ड्रिल, जाँचा कर्मचारियों की तत्परता*

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on email
ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

*आद्रा* , 21.10.22: दक्षिण पूर्व रेलवे , आद्रा मंडल में राष्ट्रीय आपदा बचाव बल(NDRF) के साथ मिलकर आज दिनांक 21.10.22 को “माक ड्रिल ” का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल के तहत सुबह 10 बजे लगातार हूटर बजाकर यह जताया गया की किसी जगह कोई यात्री सवारी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गयी है। हूटर बजने के 5 मिनट के अन्दर मंडल के आपदा प्रबंधन दल के सभी अधिकारी तथा कर्मचारी सेल्फ प्रोपेल्ड एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल वैन (SPARMV) पर पहुँच गए। सभी को बताया गया की गाड़ी संख्या 00047(राँची – मसाग्राम एक्सप्रेस ) ट्रेन महुदा यार्ड में दुर्घटनाग्रस्त हुई है। आदेशानुसार रिलीफ ट्रेन को महुदा स्टेशन के लिए 10:15 बजे रवाना कर दिया गया । एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन के दुर्घटना स्थल में पहुँचने के कुछ देर पश्चात ही राष्ट्रीय आपदा बचाव बल की टीम भी घटनास्थल पर पहुँची। मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री डी० माझी, डेप्युटी कमांडेंट एन०डी०आर०एफ० रणधीर सिंह तथा अन्य अधिकारियों तथा कर्मचारियों की टीम दुर्घटनास्थल पर पहुँचीं। दुर्घटनास्थल पर “प्राथमिक चिकित्सा”, “हेल्पलाइन” इत्यादि के कई बूथ लगाये गए तथा बचाव कार्य का अभ्यास शुरू किया गया । मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर हेल्पलाइन बूथ खोला गया। हल्की चोटें आने वाले यात्रियों को प्राथमिक चिकित्सा देने तथा गहरी चोटों से पीड़ित यात्रियों को निकटतम अस्पताल भेजने का अभ्यास किया गया । लावारिस पड़े सामानो को “लगेज” बूथ में पहुँचाया गया । मृत यात्रियों की पहचान करने का अभ्यास भी किया गया।

मंडल रेल प्रबंधक ने इसे मॉक ड्रिल सुबह 11:50 बजे घोषित किया गया ।

 

मॉक ड्रिल की समाप्ति पर प्रेस कॉन्फ़्रेन्स का आयोजन किया गया। मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार ने बताया की इस ड्रिल का मूल उद्देश्य सभी रेल कर्मियों की तत्परता की जाँच करना है ताकि हम किसी भी परिस्तिथि का सामना करने के लिए हर क्षण तैयार रहें । उन्होंने कहा कि इस तरह के मॉक ड्रिल के आयोजन से आपदा प्रबंधन दल की कार्यक्षमता में सुधार होगा तथा किसी आपदा की स्थिति में बचाव दल कम से कम समय में बचाव कार्य को पूरा करने में सक्षम होगा ।