Dastak Jo Pahunchey Har Ghar Tak

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on email

**जामुड़िया में चक्रवात से टूटा पुल अब भी जर्जर, स्थानीय लोग दुर्घटना के डर से चिंतित**

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on email
ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

*जामुड़िया* –  2022 साल में आए चक्रवात से काफी विनाश हुआ था। उसी समय जामुड़िया बोरों एक अन्तर्गत वार्ड नंबर ग्यारह  में पत्थर डागा शमशान घाट के पास के  जिस पुल से होकर लोग श्रीपुर पत्थर डागा केन्दुलिया मोड़ होते हुए चांदा  जाते हैं उस चक्रवात में यह पुल टुट गया था। ऐसे में उस रास्ते से होकर गुजरने वाले सभी वाहनों का परिचालन कुछ दिनों के लिए सम्पूर्ण रूप से बंद पड़ गया था।‌ एक हफ्ते बाद टुटे हुए उस पुल को कारखाना के राख और मिटटी से भर कर उस रास्ते को फिर से चालू किया गया था। लेकिन  दो हफ्ते पहले लगातार  भारी बारिश के कारण उस पुल में इस्तेमाल किए गए राख ओर मिट्टी   बारिश में बह  गई। इस वजह से उस पुल का एक हिस्सा जर्जर हो गया और एक हफ्ते तक उस रास्ते पर से चलने वाले सभी वाहनों का आवागमन बंद पड़ा हुआ था।  लेकिन एक बार फिर उसी  कारखाना के राख और मिट्टी से भरने पर सभी वाहनों का आवागमन शुरू हुआ। हालांकि फिर दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण उस पुल की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। लोगों को डर है कि कभी भी कोई बड़ी सड़क दुघर्टना घट सकती है। इस संदर्भ में स्थानीय श्रीपुर ग्राम निवासी भाजपा नेता अनिरुद्ध पासवान ने कहा कि  तीन साल पहले आए चक्रवात में यह पुल पुरी तरह से टुट गया था। इस वजह श्रीपुर से केन्दुलिया मोड़ होते हुए चांदा को जानें वाले सभी वाहनों का परिचालन एक हफ्ते  तक बंद था। श्रीपुर  होते हुए घुमकर सभी यात्रियों को चांदा जाना पड़ता था। यहां तक कि इस पुल को बनाने के लिए आंदोलन भी किया गया उस समय सत्ताधारी पार्टी के लोगों ने कहा था कि इस पुल पहले की ही  तरह बेहद अच्छे तरीके से बनाया जाएगा। हालांकि आपसी मतभेद के कारण यह पुल नही बना। दो हफ्ते पहले की भारी बारिश के कारण इस पुल की स्थिति पहले की ही तरह जर्जर हो चुकी है। इस वजह से कुछ दिनों तक बड़े वाहनों का परिचालन बंद पड़ा हुआ था केवल साईकिल ओर मोटर साइकिल ही आ जा रहे थे।  फिर उसी तरह से बारिश शुरू हो गया है। लोगों को आशंका है कि अगर इस पुल को पहले की तरह नही बनाया गया तो इसका खमियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ेगा । वहीं स्थानीय सीपीआईएम नेता बिजय पासवान ने कहा कि जब पहली बार यह पुल टुटा था तब  लोगों ने पहले की ही तरह इस पुल के निर्माण के लिए आंदोलन किया था। हालांकि उस समय यह बोला गया था कि इसके लिए पैसों का अनुमोदन हो गया है लेकिन अभी अधिक बरसात होने के कारण उसका निर्माण कार्य नहीं हो सकता है।  इस पुल को राख और मिट्टी  देकर छोड़ दिया गया था लेकिन फिर से बारिश होने के कारण इस पुल की स्थिति जर्जर हो चुकी है जिससे कभी भी कोई दुर्घटना घट सकती है। वही जब इस वार्ड के पार्षद डाक्टर आरीफ अली से बात की तो उन्होंने ने कहा कि जिस उम्मीद से टीएमसी को यहां की जनता ने जीत दिलाई है उनके लिए टीएमसी जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य  है कि उनके साथ हमेशा रहे इसके लिए इस पुल का निर्माण लिए सालों पुर्व टेंडर भर दिया गया था। इतना ही  नहीं तीन बार टेंडर किया गया अबकी चौथे बार टेंडर भर दिया गया है। अभियंता भी निरिक्षण करके गये हैं किसी कारण वश यह टेंडर नही हो पा रहा है हमारे तरफ से जल्द से जल्द इस पुल का निर्माण किया जा सके इस कार्य के लिए हम लगे हुए हैं