आसनसोल में गरीबों के आवास आवंटन में बड़ा खेल: धांधली के आरोप में दो हिरासत में, व्हाइटनर लगाकर बदले गए नाम
आसनसोल:आसनसोल नगर निगम के डामरा इलाके में गरीबों के लिए बने बीएसयूपी (BSUP) आवासों के आवंटन में बड़े पैमाने पर घोटाले का मामला सामने आया है। यह आवास पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी के कार्यकाल में बनाए गए थे। नियमों के मुताबिक, वास्तविक लाभार्थियों को मात्र ₹7,500 जमा करके यह फ्लैट मिलने थे। आरोप है कि मोटी रकम लेकर इन्हें बाहरी लोगों को बेच दिया गया।21 हजार में बिके फ्लैट, असामाजिक तत्वों का डेराभाजपा दक्षिण मंडल के सचिव अपूर्व राय ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि कई आवासों को ₹20,000 से ₹21,000 में अवैध रूप से बेचा गया है। इसके अलावा, जो आवास खाली पड़े हैं, उनमें शराबखोरी और अन्य अवैध गतिविधियां चल रही हैं।व्हाइटनर लगाकर बदले नाम, रजिस्टर बरामदशुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने डामरा पहुंचकर मौके से नगर निगम का रेजोल्यूशन रजिस्टर बरामद करने का दावा किया। छानबीन में सामने आया कि आवंटन स्लिप पर मूल लाभार्थियों के नामों पर व्हाइटनर (फ्लूइड) लगाकर दूसरों के नाम लिख दिए गए। इस पूरे खेल में नगर निगम के एक कर्मचारी की भूमिका भी बेहद संदिग्ध मानी जा रही है।मेयर और विपक्ष के बयानमेयर बिधान उपाध्याय: “मामले की लिखित शिकायत मिलने पर पूरी जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”नेता प्रतिपक्ष चैताली तिवारी: “सिर्फ डामरा ही नहीं, बल्कि निगम के कई अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह के भ्रष्टाचार के आरोप हैं। सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”पुलिसिया कार्रवाईशिकायत दर्ज होने के बाद आसनसोल दक्षिण थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच जारी है।










