बराकर 12 जुलाई ।बीसीसीएल क्षेत्र संख्या बारह के बेगुनिया स्थित महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष जमीन के बदले नोकरी की मांग पर धरना प्रदर्शन कर रहे विस्थापितों ने एरिया के महाप्रबंधक समेत कई अधिकारियों को कार्यालय का मुख्य द्वार से कई घंटों तक बाहर निकलने नही दिया ।इस संबंध मे बताया जाता है कि लगातार 79 दिन से महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर रहे विस्थापितों का गुस्सा काफी बढ़ गया और वे बीते सोमवार की शाम को कार्यालय के मुख्य द्वार पर आकर खड़े हो गए और अधिकारियों को रात लगभग 9 बजे तक कार्यालय से बाहर नही निकलने दिया ।इस घटना से पूरे कार्यालय मे उतेजना पूर्ण माहौल बन गया ।विस्थापितों ने बताया कि जमीन के बदले नौकरी देने के मामले को लेकर प्रबंधन गुमसुम बना हुआ है । कुछ दिन पहले हुई वार्ता के दौरान प्रबंधन की ओर से धरना पर बेठे विस्थापितों को बताया था कि पांच दिनों के बाद उच्च प्रबंधन के साथ एडीडीए के उपाध्यक्ष उज्जवल चटर्जी की उपस्थिति मे बैठक होगी जिसके बाद समस्या का हल निकाल लिया जायेगा । सप्ताह भर से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रबंधन चुपचाप बैठा है ।जिससे अचानक सभी प्रदर्शनकारी आक्रोशित होकर कार्यालय के मुख्य द्वार को घेर लिया ।इससे कई कर्मचारी व अधिकारी अंदर ही मौजूद थे ।।कार्यालय के अदंर महाप्रबंधक पी के मिश्रा, क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक , भूं संपदा अधिकारी राम चंद्र पाल, सुरक्षा अधिकारी धर्मेन्द्र तिवारी, दामागोड़िया कोलियरी के, कार्मिक प्रबंधक सुमंत राय ,समेत लगभग दर्जन भर लोग अंदर फंसे हुए थे ।महाप्रबंधक ने फोन से स्पीकर पर सीएमडी से बात किया जहां कहा गया कि पांच से 6 दिनों के अंदर कोयला भवन धनबाद से आये अधिकारी तथा एडीडीए के उपाध्यक्ष के साथ बैठक कर समस्या का हल निकाल लिया जायेगा ।यह आश्वासन सुनने के बाद बिस्थापितो का गुस्सा ठंडा हुआ और उन्होंने अधिकारियों के जाने के लिए मुख्य द्वार छोड़ दिया ।प्रदर्शनकारियों मे विमान दत्ता, राहुल मडंल, अनिवार्य लायक, नयन मडंल, सुभम बनर्जी, सयन बनर्जी, भोलेनाथ गौराई, सुसांतो कपूरी, सचिन गौप, प्रोभिक मुखर्जी आदि उपस्थित थे ।
















