पीठाकियारी अस्पताल की अनूठी पहल: 50 गर्भवती महिलाओं के लिए ‘साधभक्षण’ समारोह, स्वास्थ्य जांच के साथ पोषण जागरूकता
सलानपुर:पश्चिम बर्धमान जिले के पीठाकियारी ग्रामीण अस्पताल में सोमवार (10 अगस्त) को एक बेहद संवेदनशील और अनूठा नजारा देखने को मिला। अस्पताल परिसर में इलाज के लिए आईं लगभग 50 गर्भवती महिलाओं के लिए पारंपरिक ‘साधभक्षण’ (गोद भराई) समारोह का भव्य आयोजन किया गया। सरकारी अस्पताल के इतिहास में इस तरह की ममतामयी पहल की इलाके में हर तरफ सराहना हो रही है।नए BMOH की संवेदनशीलतासलानपुर ब्लॉक के नवनियुक्त बीएमओएच (BMOH) डॉ. तन्मय मंडल ने कार्यभार संभालने के महज दो दिन बाद ही अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मिलकर इस अनूठे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सीएमओएच (CMOH) डॉ. मोहम्मद युनुस भी इस पहल को देखकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अपने पूरे सेवाकाल में उन्होंने किसी ग्रामीण अस्पताल में ऐसा संवेदनशील और आत्मीय कार्यक्रम नहीं देखा।दूब, आलता और सिंदूर से स्वागतपवित्र श्रावण मास को ध्यान में रखते हुए भावी माताओं के लिए पूरी तरह से शाकाहारी लेकिन अत्यधिक पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलदीप जलाकर की गई। अस्पताल कर्मियों ने दूब, आलता और सिंदूर लगाकर सभी गर्भवती महिलाओं का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। सभी माताओं को उपहार स्वरूप सेब और गुलाब के फूल भेंट किए गए।स्वास्थ्य जांच के बाद परोसा गया छप्पन भोगअस्पताल प्रबंधन ने रस्मों के साथ-साथ महिलाओं के स्वास्थ्य का भी पूरा ख्याल रखा। भोजन से पहले सभी 50 महिलाओं का डॉक्टरों की टीम द्वारा विशेष स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके बाद उन्हें बड़े ही आदर के साथ दाल, चावल, हरी सब्जियों के अलावा विशेष रूप से तैयार पनीर, छेना और पारंपरिक मिठाइयां परोसी गईं।नर्सिंग छात्रों ने दी पोषण की जानकारीइस दौरान दुर्गापुर से आए नर्सिंग के छात्रों ने एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया। छात्रों ने भावी माताओं को नवजात शिशु के लिए मातृदूध (स्तनपान) के महत्व और गर्भावस्था के दौरान सही पोषण की विस्तृत जानकारी दी। मौके पर जिला तपेदिक अधिकारी (DTO) डॉ. अभिषेक राय समेत स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।राज्य के स्वास्थ्य मानचित्र पर लाने का लक्ष्यबीएमओएच डॉ. तन्मय मंडल ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य सिर्फ एक उत्सव मनाना नहीं था, बल्कि ग्रामीण महिलाओं में अस्पताल के प्रति भरोसा जगाना था। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य पीठाकियारी ग्रामीण अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना और बुनियादी ढांचा मजबूत करना है, ताकि इसे राज्य के सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य केंद्रों की सूची में शामिल किया जा सके।”










