कुल्टी रानीतला मेले में भारतीय मजदूर संघ का पुस्तक स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र
दस वर्षों से जारी है पुस्तक सेवा की परंपरा, पांच दिनों में हुई बड़ी संख्या में पुस्तकों की बिक्री
कुल्टी। कुल्टी के रानीतला मेले में इस वर्ष भी भारतीय मजदूर संघ का पुस्तक स्टॉल लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पिछले दस वर्षों से लगातार मेले में पुस्तक स्टॉल लगाकर संगठन की ओर से लोगों के बीच राष्ट्रप्रेम, देशभक्ति, धार्मिक चेतना और सामाजिक जागरूकता का संदेश प्रसारित किया जा रहा है। इस वर्ष भी पुस्तक स्टॉल को लोगों का उत्साहजनक समर्थन मिल रहा है। मेले के शुरुआती पांच दिनों में ही बड़ी संख्या में पुस्तकों की बिक्री हुई है।

पुस्तक स्टॉल पर राष्ट्रप्रेम, देशभक्ति, धार्मिक साहित्य, समाजसेवा तथा विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों से संबंधित पुस्तकें उपलब्ध हैं। मेले में आने वाले महिला, पुरुषों और बच्चों में भी पुस्तकें खरीदने को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। मेले में घूमने आने वाले लोग स्टॉल पर पहुंचकर अपनी पसंद की पुस्तकें खरीद रहे हैं, जिससे यह स्टॉल मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो गया है।
उल्लेखनीय है कि 18 अक्टूबर को कुल्टी के विधायक तथा पश्चिम बंगाल सरकार के लोक निर्माण विभाग एवं जन स्वास्थ्य तकनीकी विभाग के मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने भारतीय मजदूर संघ के पुस्तक स्टॉल का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद से ही स्टॉल पर पुस्तक प्रेमियों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है।
पुस्तक स्टॉल पर भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष राजकिशोर कुइरी, महासचिव उत्पल घोष, फेडरेशन के सदस्य बच्चू कुमार सहित अमित घोष, पार्थ मंडल, रवि चौबे, सुमन मांझी, अमरनाथ साव, प्रेमनाथ पांडेय, पंकज चौधरी एवं मिथिलेश राय विशेष रूप से उपस्थित रहकर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि भारतीय मजदूर संघ पिछले दस वर्षों से कुल्टी रानीतला मेले में पुस्तक स्टॉल का आयोजन करता आ रहा है। इस पहल का उद्देश्य केवल पुस्तकों की बिक्री करना ही नहीं, बल्कि समाज में ज्ञान, राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक दायित्व की भावना को बढ़ावा देना भी है।
भारतीय मजदूर संघ की यह पहल पुस्तक संस्कृति को प्रोत्साहित करने और नई पीढ़ी में पढ़ने की रुचि विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास का उदाहरण है। इस वर्ष भी पुस्तक स्टॉल को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया से मेले में पुस्तकों और ज्ञानवर्धक साहित्य के प्रति लोगों की रुचि स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।










