*भ्रष्टाचार और ‘प्रॉक्सी प्रधान’ के खिलाफ महिलाओं का फूटा गुस्सा, प्रधान के पति को कॉलर पकड़कर पंचायत दफ्तर से निकाला*
रुपनारायणपुर: पंचायत प्रधान तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चुनी हुई प्रतिनिधि हैं, लेकिन दफ्तर उनका पति चला रहा है! व्यापक भाई-भतीजावाद और भूमि घोटाले के गंभीर आरोपों से रुपनारायणपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र मंगलवार को सुलग उठा। स्थानीय आक्रोशित महिलाओं ने पंचायत कार्यालय पहुंचकर न सिर्फ भारी विरोध-प्रदर्शन किया, बल्कि गुस्से में आकर पंचायत प्रधान के पति का कॉलर पकड़ा और उन्हें घसीटते हुए दफ्तर से बाहर निकाल दिया।’प्रॉक्सी प्रधान’ और जमीन घोटाले का आरोपस्थानीय निवासियों और आंदोलनकारी महिलाओं का आरोप है कि रुपनारायणपुर ग्राम पंचायत की निर्वाचित प्रधान अपर्णा दास हैं। इसके बावजूद, पंचायत का सारा कामकाज और फैसले पर्दे के पीछे से उनका पति बिपन दास (विपुल राय) लेता है।प्रदर्शनकारियों का दावा है कि तृणमूल शासन के दौरान पंचायत के विभिन्न विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। आरोप है कि सरकारी खास (सरकारी स्वामित्व वाली) जमीन को अवैध रूप से ट्रांसफर और इस्तेमाल करने के लिए बिना किसी जांच के पंचायत से एनओसी (NOC) जारी कर दी गई। महिलाओं का साफ कहना है कि अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच हो, तो कई बड़े भ्रष्टाचार और वित्तीय हेराफेरी के सबूत सामने आएंगे।पुलिस ने दी दखल, शांत हुआ मामलापंचायत कार्यालय में भारी तनाव और हाथापाई की सूचना मिलते ही रुपनारायणपुर चौकी की भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से बातचीत की।पुलिस ने महिलाओं को लिखित या मौखिक आश्वासन देते हुए कहा कि कल से पंचायत परिसर या कार्यालय में प्रधान के पति को पैर नहीं रखने दिया जाएगा। सरकारी कामकाज में उनका हस्तक्षेप किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। पुलिस के इस ठोस आश्वासन के बाद आखिरकार महिलाओं ने अपना विरोध-प्रदर्शन समाप्त किया और स्थिति नियंत्रण में आई। हालांकि, इस घटना को लेकर रुपनारायणपुर पंचायत क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भारी सनसनी फैली हुई है।










