मवेशियों की तस्करी का बड़ा भंडाफोड़: डब्ल्यूएचपी की सूचना पर बॉर्डर पर पकड़ी गई लारी, चार हिरासत में
बांग्लादेश बॉर्डर ले जाए जा रहे थे मैथन से लोड गाय-भैंस, कागजात न मिलने पर पुलिस की सख्त कार्रवाई
कुल्टी: पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा पर स्थित डुबुर्डीह चेकपोस्ट पर सोमवार को पुलिस ने अवैध मवेशी तस्करी के एक बड़े प्रयास को नाकाम कर दिया। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की गौरक्षा समिति की तत्परता और पुलिस की मुस्तैदी से गाय और भैंसों से भरी एक विशाल लारी को जब्त किया गया है। पुलिस ने लारी चालक सहित कुल चार संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है।गुप्त सूचना पर पुलिस की छापे मारी सूत्रों के अनुसार, विहिप की गौरक्षा समिति को गुप्त जानकारी मिली थी कि झारखंड के रास्ते भारी संख्या में मवेशियों को अवैध रूप से ले जाया जा रहा है। समिति ने तुरंत इसकी सूचना चौरंगी फाड़ी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस टीम ने डुबुर्डीह चेकपोस्ट पर नाकाबंदी कर दी। जैसे ही संदिग्ध लारी वहां पहुंची, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।वैध कागजात दिखाने में रहे नाकाम लारी की तलाशी लेने पर उसमें क्रूरतापूर्वक ठसाठस भरे हुए गाय और भैंस बरामद हुए। जब पुलिस ने चालक और उसके साथियों से मवेशियों के परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे, तो वे कोई भी कागजात पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने लारी को जब्त कर चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।”मैथन से लोड होकर बांग्लादेश सीमा की ओर जा रही थी खेप”विहिप गौरक्षा समिति के पदाधिकारी चंद्रशेखर शॉ ने बताया, “हमें पुख्ता जानकारी मिली थी। पूछताछ में चालक ने कबूल किया है कि इन मवेशियों को मैथन से लोड किया गया था और इन्हें बांग्लादेश सीमा की तरफ तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। हमने पुलिस को सौंप दिया है और हमारी मांग है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।”जांच में जुटी पुलिस।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अंतरराज्यीय मवेशी तस्करी गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इस रैकेट का मुख्य सरगना कौन है।










