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₹97 हजार की साइबर ठगी के दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं, पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से लगाई गुहार

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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₹97 हजार की साइबर ठगी के दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं, पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से लगाई गुहार

बराकर:बराकर निवासी एक साइबर ठगी पीड़ित ने मामले में दो माह से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है। न्याय न मिलने से परेशान पीड़ित ने अब आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नर से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर को आवेदन देकर दुर्गापुर साइबर सेल को तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने, जांच शुरू करने तथा धोखाधड़ी में प्रयुक्त बैंक खातों और यूपीआई (UPI) आईडी को तुरंत फ्रीज कराने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।बिना अनुमति खाते से उड़ाए ₹97,000प्राप्त जानकारी के अनुसार, बराकर (चौबे कैंपस) निवासी 55 वर्षीय निलेश कुमार झा ने पुलिस कमिश्नर को भेजे गए अपने आवेदन में बताया कि बीते 11 मई की शाम लगभग 6:15 बजे और 6:45 बजे उनके यूको बैंक, बराकर शाखा स्थित खाते से उनकी जानकारी और अनुमति के बिना दो अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से कुल ₹97,000 की राशि निकाल ली गई। इनमें पहला लेनदेन ₹50,000 तथा दूसरा ₹47,000 का था। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद उन्हें इस वित्तीय धोखाधड़ी की जानकारी मिली।साइबर सेल के चक्कर काट रहा पीड़ितपीड़ित का कहना है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने मुस्तैदी दिखाते हुए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसकी पावती उन्हें 12 मई को प्राप्त हुई। इसी दिन उन्होंने दुर्गापुर साइबर सेल में भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जहां जी.डी.ई. (GDE) संख्या 66 दर्ज की गई। उन्होंने बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजैक्शन आईडी, स्क्रीनशॉट और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज भी साइबर सेल को सौंप दिए।साक्ष्य नष्ट होने की आशंकाआवेदन में आरोप लगाया गया है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी लगभग दो माह बीत जाने पर न तो स्थानीय स्तर पर एफआईआर दर्ज की गई और न ही जांच में कोई उल्लेखनीय प्रगति हुई। पीड़ित ने आशंका जताई है कि पुलिसिया कार्रवाई में हो रही इस देरी का फायदा उठाकर आरोपी ठगी की रकम को ठिकाने लगा सकता है या डिजिटल साक्ष्य नष्ट कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान के साथ-साथ गंभीर मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।