झालदा पुराने थाना आगकांड में कांग्रेस पार्षद समेत छह बरी
बिप्लब कयाल ने तत्कालीन आइसी पर लगाया साजिश का आरोप, मानहानि का केस करने की दी चेतावनी
पुरुलिया : झालदा के पुराने थाना में वर्ष 2022 में हुई आगजनी के मामले में कांग्रेस पार्षद बिप्लब कयाल समेत छह आरोपितों को अदालत से बड़ी राहत मिली है। बुधवार को पुरुलिया जिला अदालत की तृतीय अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद सभी छह आरोपितों को बरी कर दिया।
मामला वर्ष 2022 का है। तत्कालीन कांग्रेस पार्षद तपन कांदू की गोली मारकर हत्या के बाद झालदा में राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया था। इसी दौरान पुराने पुलिस थाना परिसर में आग लगने की घटना हुई थी। आगजनी के मामले में वार्ड संख्या नौ के कांग्रेस पार्षद बिप्लब कयाल समेत छह लोगों को आरोपित बनाया गया था। बिप्लब कयाल को गिरफ्तार भी किया गया था और उन्हें 62 दिन जेल में रहना पड़ा था।
बिप्लब कयाल शुरू से ही खुद को निर्दोष बताते हुए मामले को राजनीतिक साजिश करार देते रहे थे। अदालत से बरी होने के बाद उन्होंने तत्कालीन आइसी संजीव घोष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर मामले में फंसाया गया, जिसके कारण उन्हें बिना किसी गलती के 62 दिन जेल में बिताने पड़े।
बिप्लब कयाल ने कहा कि वह तत्कालीन आइसी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेंगे। उन्होंने पूरे मामले के लिए पुलिस की कार्यप्रणाली और तत्कालीन अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाए।
अदालत के फैसले के बाद झालदा के राजनीतिक हलकों में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अब बिप्लब कयाल की ओर से प्रस्तावित मानहानि मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं।










