पत्रकारों की आवाज दबाने के प्रयासों के खिलाफ इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने दिया ज्ञापन।
पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग।
कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश।
उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और पत्रकारिता की स्वतंत्रता को लेकर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® कानपुर मंडल इकाई ने आवाज बुलंद करते हुए राष्ट्रपति भारत गणराज्य, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया तथा राज्यपाल उत्तर प्रदेश से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन की ओर से जिलाधिकारी कानपुर नगर के माध्यम से संबंधित संवैधानिक एवं संस्थागत अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर पत्रकारों के खिलाफ कथित दबाव, धमकी और मुकदमों की निष्पक्ष जांच कराने तथा पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की गई। कानपुर के एक पत्रकार के खिलाफ दर्ज कथित रंगदारी के मुकदमे का उल्लेख करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। गोंडा के पत्रकार सत्यम मिश्रा पर कथित हमले का मामला भी प्रमुखता से उठाया। संगठन ने हमले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई तथा पत्रकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
इस अवसर पर अवध प्रदेश संरक्षक अश्विनी दीक्षित ने कहा कि पत्रकार समाज की समस्याओं और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों को सामने लाने का कार्य करते हैं। यदि जनहित की खबर प्रकाशित करने पर पत्रकारों को दबाव अथवा मुकदमों का सामना करना पड़ेगा तो इससे पत्रकारिता की स्वतंत्रता प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संगठन लोकतांत्रिक तरीके से पत्रकारों के अधिकारों एवं सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि किसी पत्रकार के खिलाफ यदि कोई वास्तविक आरोप है तो उसकी जांच कानून के अनुसार होनी चाहिए, लेकिन केवल खबरों से असहमति के कारण पत्रकार को डराने या दबाव में लेने की प्रवृत्ति पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामलों की निष्पक्ष जांच और पत्रकारों को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।
प्रदेश महासचिव तौहीद अहमद लिम ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता की आवाज को शासन और प्रशासन तक पहुंचाना है। भ्रष्टाचार, अवैध निर्माण और प्रशासनिक अनियमितताओं से संबंधित खबरों को दबाने के बजाय उन पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने से पहले उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के लिए हर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मंच पर अपनी आवाज उठाता रहेगा।
कानपुर मंडल अध्यक्ष मुकीम अहमद कुरैशी ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। पत्रकार दिन-रात मेहनत कर समाज की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को सामने लाते हैं। ऐसे में यदि उन्हें धमकाया जाए, दबाव बनाया जाए या झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास किया जाए तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति अथवा संस्था के खिलाफ व्यक्तिगत संघर्ष करना नहीं, बल्कि पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों और स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा करना है। उन्होंने मांग की कि पत्रकारों से संबंधित सभी मामलों में निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की।उन्होंने कहा कि इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा, स्वाभिमान और अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा।
संगठन ने राष्ट्रपति भारत गणराज्य, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और राज्यपाल उत्तर प्रदेश से पूरे प्रकरण में आवश्यक हस्तक्षेप करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा, स्वतंत्र पत्रकारिता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अवध प्रदेश संरक्षक अश्विनी दीक्षित, प्रदेश महासचिव तौहीद अहमद लिम, कानपुर मंडल अध्यक्ष मुकीम अहमद कुरैशी, मनोज चड्ढा, नाजिम अली खान, कमर आलम, गौरी कमल, शाहबाज खान, शाहरुख वारसी, शिव सिंह यादव, अमित त्रिवेदी, मोहम्मद नफीस सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे।










