बराकर के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता मेराजुल हक अंसारी ‘विद्या रत्न अवार्ड’ से सम्मानित, क्षेत्र में खुशी की लहर
बराकर: बराकर मनबड़िया के रहने वाले और क्षेत्र के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता मेराजुल हक अंसारी को उनके उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों और समाज के प्रति अद्वितीय योगदान के लिए ‘विद्या रत्न अवार्ड’ से नवाजा गया है। आसनसोल कार्यालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। इस बड़ी उपलब्धि से पूरे बराकर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।शुरुआती दिनों से ही मेराजुल हक अंसारी बराकर क्षेत्र में एक सक्रिय, सजग और समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते रहे हैं। समाज के हर छोटे-बड़े काम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना और जरूरतमंदों की मदद करना हमेशा से उनकी प्राथमिकता रही है। अपने सामाजिक कार्यों को और अधिक संगठित और व्यापक रूप देने के उद्देश्य से उन्होंने ‘इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स काउंसिल’ की सदस्यता ग्रहण की थी।संस्था से जुड़ते ही उन्होंने समाज को जोड़ने और आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करने का बड़ा संदेश दिया। उन्होंने पवित्र रमजान के महीने में एक भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया, जिसमें सभी धर्मों और वर्गों के लोग एक मंच पर उपस्थित हुए थे। इस कौमी एकता की मिसाल के लिए क्षेत्र के लोगों ने मेराज भाई की जमकर सराहना की थी। समाज को एकजुट करने के इसी जज्बे और निरंतर सक्रियता को देखते हुए संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिन्हा ने उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी।उनकी कार्यकुशलता, निष्ठा और जमीनी पकड़ के बूते बेहद कम समय में ही उन्हें इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स काउंसिल के पश्चिम बंगाल राज्य अल्पसंख्यक समुदाय का उपाध्यक्ष (वाइस प्रेसिडेंट) नियुक्त किया गया। आज उनके इसी अनवरत सेवा भाव, नेतृत्व क्षमता और समाज के प्रति अटूट समर्पण को सराहते हुए उन्हें आसनसोल कार्यालय में ‘विद्या रत्न अवार्ड’ से विभूषित किया गया है। इस सम्मान पर क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोगों और शुभचिंतकों ने खुशी जाहिर करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।










