भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत, महान राष्ट्रभक्त और सामाजिक सुधारक सुरेन्द्रनाथ बनर्जी को उनकी पुण्यतिथि पर शत्-शत् नमन। वे उन पहले भारतीयों में से थे जिन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध स्वर उठाया और राष्ट्रीय चेतना का संचार किया।
सुरेन्द्रनाथ बनर्जी न केवल एक शिक्षित और तेजस्वी नेता थे, बल्कि एक महान शिक्षक और पत्रकार भी थे। उन्होंने “द बंगाली” अखबार के माध्यम से जनजागृति की अलख जगाई और भारत के युवाओं में स्वाभिमान की भावना भर दी। वे इंडियन नेशनल कांग्रेस के संस्थापक नेताओं में से एक थे और दो बार इसके अध्यक्ष पद की गरिमा को प्राप्त किया।
उनका जीवन राष्ट्रसेवा, निडरता और शिक्षा के प्रचार-प्रसार को समर्पित रहा। उन्होंने “नेशनल कॉलेज” की स्थापना की, जो आगे चलकर कोलकाता के शिक्षा आंदोलन का केंद्र बना। उनका मानना था कि बिना शिक्षा और आत्मबल के स्वतंत्रता अधूरी है।
आज उनकी पुण्यतिथि पर हम सभी को उनके बताए मार्ग—सत्य, निष्ठा और राष्ट्रीय एकता—का अनुसरण करने का संकल्प लेना चाहिए। ऐसे महान पुरुष को कोटिशः नमन।
*सौजन्य: नरेश कुमार अग्रवाल*





















