‘हिन्दी देश की आत्मा है’- प्रो. विनायक भट्टाचार्य
कोलकाता, 16 सितंबर। “हिन्दी देश की आत्मा की भाषा मानी जाती है । इस आत्मा में भारतीय एवं विदेशी भाषाओं के शब्दों रूपी रस का संचार निरंतर होता रहा है जिससे यह वर्तमान में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी और शक्तिशाली भाषा बनकर वैश्विक पटल पर उभरी है ।”- ये उद्गार है सेंट पॉल्स कैथेड्रल मिशन कॉलेज के उप-प्राचार्य प्रो. विनायक भट्टाचार्य के जो हिन्दी दिवस कार्यक्रम में बतौर अध्यक्ष वक्तव्य प्रस्तुत कर रहे थे।
हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ. कमलेश कुमार पाण्डेय ने अपने स्वागत वक्तव्य में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय रोजगारपरक भाषा के वर्चस्व की है। हिन्दी भाषा अपने पैरों पर खड़ी होकर रोजगार के नए अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने हिन्दी भाषा के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य पर विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित करते हुए राजभाषा के रूप में हिन्दी के महत्व एवं आवश्यकता पर अपने विचार प्रकट किये ।
इस अवसर पर काव्य आवृत्ति, कविता-पोस्टर, आशु भाषण, वाद-विवाद, हिन्दी भाषा एवं साहित्य प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई । इन प्रतियोगिताओं में लगभग 25 छात्र-छात्राओं ने उत्सुकतापूर्वक भाग लिया। इन आयोजनों में पुरस्कृत छात्र रहें क्रमशः नारायण पाण्डेय, रोहित मिश्रा, पलक सिंह, सुमेधा साव, सुमन गोंड, ज्योति दास, के. अंजु राव, निकिता शर्मा, प्रिया झा, अमरनाथ राय, अनिकेत आदि। कार्यक्रम का संचालन प्रो. आरती यादव, प्रो. परमजीत पंडित ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. प्रीतम रजक ने किया। अतिथियों का स्वागत कॉलेज के विद्यार्थियों ने किया।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राध्यापकों में डॉ. सुतानुका सेनगुप्ता, डॉ. शेख मकबूल इस्लाम, डॉ. रुथ रिया खान, डॉ. शुभोदीप सरकार, प्रो. अनंदिता सरकार, प्रो. श्यामोश्री मुखर्जी आदि प्राध्यापकों के साथ-साथ छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में जितेन्द्र नायक, मनोज, दिलीप, सुमेन आदि की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही।








