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अखिल भारतीय विश्वकर्मा महिला मंच का भव्य शंखनाद; बराकर नदी तट पर गौसेवा से हुई सेवा यात्रा की शुरुआत

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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अखिल भारतीय विश्वकर्मा महिला मंच का भव्य शंखनाद;

बराकर नदी तट पर गौसेवा से हुई सेवा यात्रा की शुरुआत

बराकर:अखिल भारतीय विश्वकर्मा युवा मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद, संगठन के महिला विंग ‘अखिल भारतीय विश्वकर्मा महिला मंच’ का औपचारिक गठन किया गया। नई ऊर्जा, अटूट संकल्प और सामाजिक सरोकार की भावना के साथ इस नवगठित महिला मंच ने रविवार सुबह बराकर नदी तट पर स्थित पिंजरा पोल सोसाइटी में गौसेवा कर अपनी कल्याणकारी यात्रा का शुभारंभ किया।अखिल भारतीय विश्वकर्मा युवा मंच (कुल्टी) के अध्यक्ष शेखर कर्मकार की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में मातृशक्ति ने गौ माताओं को श्रद्धापूर्वक चोकर, हरी सब्जियां और अनाज अर्पित किया। इस पुनीत कार्य के जरिए महिलाओं ने न केवल गौ माताओं का आशीर्वाद लिया, बल्कि समाज में सांप्रदायिक सौहार्द और करुणा का एक अनुपम संदेश भी प्रवाहित किया।गौसेवा से मिली आत्मिक शांति और नई प्रेरणाकार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने इस अनुभव को बेहद भावुक और शांतिप्रद बताया। महिला सदस्य स्नेहा कर्मकार ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि गौसेवा करके उनके मन को असीम प्रसन्नता और आत्मिक संतोष मिला है। वहीं राखी कर्मकार ने साझा किया कि यह उनका पहला अनुभव था, जिसने उनके भीतर सेवा की एक नई अलख जगाई है और अब से वे इस सेवा को अपनी नियमित जिम्मेदारी मानेंगी।इस सेवा कार्य में छोटी विश्वकर्मा, माया विश्वकर्मा, पूनम विश्वकर्मा, संतोषी शर्मा, रूपा विश्वकर्मा और शालू शर्मा सहित कई महिला सदस्यों ने सक्रिय और ऊर्जावान भूमिका निभाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा मंच के पदाधिकारी सूरज विश्वकर्मा, अजय विश्वकर्मा, राजेश विश्वकर्मा सहित अन्य गणमान्य सदस्य भी उपस्थित रहे।सामाजिक सरोकार का नया अध्याययह नवगठित मंच न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना का प्रतीक बनकर उभरा है, बल्कि इसने सामाजिक सेवा और सामुदायिक जुड़ाव के एक स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत भी कर दी है। संगठन ने संकल्प लिया है कि आने वाले समय में भी नियमित रूप से गौसेवा और जन-कल्याण के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि स्थानीय समाज में संवेदनशीलता, सहानुभूति और आपसी सहयोग की भावना को और अधिक बल मिल सके।