ऐतिहासिक सिद्धेश्वरी मंदिर का बदलेगा स्वरूप: मंत्री डॉ. अजय पोद्दार के निर्देश पर सौरव चौरसिया (सोनू) ने संभाली कमान,
शुरू हुआ मुख्य द्वार का कायाकल्प!
बराकर: बराकर स्थित सदियों पुराने ऐतिहासिक और आस्था के बड़े केंद्र ‘सिद्धेश्वरी मंदिर’ के दिन अब बहुरने वाले हैं। PWD एवं PHE मंत्री सह कुल्टी विधायक डॉ. अजय कुमार पोद्दार के निर्देशानुसार, रविवार को मंदिर के मुख्य द्वार के रंग-रोपण और जीर्णोद्धार कार्य का शंखनाद बेहद भव्य तरीके से किया गया।इस पूरे महाभियान की कमान भाजपा के कद्दावर युवा नेता और कुल्टी मंडल उपाध्यक्ष सौरव चौरसिया (सोनू) खुद संभाल रहे हैं। उनकी देखरेख में शुरू हुए इस कार्य से न सिर्फ मंदिर की भव्यता वापस लौटेगी, बल्कि भक्तों के लिए आधुनिक सुविधाओं का मार्ग भी प्रशस्त होगा।सौरव चौरसिया बने विकास के सूत्रधार, जमीनी स्तर पर संभाली कमानइस पूरे प्रोजेक्ट में सौरव चौरसिया (सोनू) एक सच्चे नायक (हीरो) के रूप में सामने आए हैं। मंत्री डॉ. अजय पोद्दार के विजन को धरातल पर उतारने के लिए सौरव खुद सुबह से मंदिर परिसर में डटे रहे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों को साथ लेकर उन्होंने कार्य की शुरुआत कराई।मौके पर सौरव चौरसिया ने कहा:”सिद्धेश्वरी मंदिर हमारी आस्था का प्रतीक है। वर्षों से मौसम की मार के कारण इसका मुख्य द्वार अपनी चमक खो रहा था। माननीय मंत्री डॉ. अजय पोद्दार जी के कड़े निर्देश हैं कि मंदिर के गौरव से कोई समझौता नहीं होगा। आज सिर्फ रंग-रोपण की शुरुआत हुई है, आने वाले दिनों में यहाँ आधुनिक लाइटें (अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था) और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे ताकि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।”त्यौहारों से पहले निखरेगा स्वरूप, भक्तों में भारी उत्साहमंदिर के पुजारियों, स्थानीय व्यापारियों और आम भक्तों ने इस पहल के बाद सौरव चौरसिया के त्वरित एक्शन की जमकर सराहना की है।पुजारियों का कहना है: “यह सिर्फ रंग-रोगन नहीं, बल्कि मंदिर के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है। सफाई और मरम्मत पर भी काम हो रहा है।”व्यापारियों में खुशी की लहर: स्थानीय दुकानदारों का मानना है कि मंदिर के सौंदर्यीकरण से यहाँ धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भारी बूस्ट मिलेगा।समय सीमा के भीतर पूरा होगा कामसौरव चौरसिया ने स्थानीय जनता को आश्वस्त किया है कि आगामी त्यौहारों के सीजन से पहले पूरे काम को युद्ध स्तर पर पूरा कर लिया जाएगा, ताकि जब भक्त यहाँ पहुँचें तो उन्हें एक दिव्य, भव्य और आधुनिक सुविधाओं से लैस सिद्धेश्वरी मंदिर का स्वरूप देखने को मिले।










