चुनावी वादों की खुली पोल: लखियाबाद में महिलाओं का चक्का जाम, पूछा- ‘वोट सबका तो योजना में सौतेला व्यवहार क्यों?’
बराकर-कल्याणेश्वरी बाइपास पर घंटों बवाल, पुलिस के छूटे पसीने महिलाओं का सीधा वार: ‘वोट देते समय भेदभाव नहीं, तो हक देने में क्यों?
कुल्टी:अन्नपूर्णा भंडार योजना की राशि न मिलने से गुस्साए बराकर लखियाबाद वार्ड नंबर 68 के ग्रामीणों का सब्र सोमवार सुबह आखिरकार टूट गया। चुनावी वादों को हवा में उड़ता देख आक्रोशित सैकड़ों महिलाओं ने बराकर-कल्याणेश्वरी बाइपास मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क पर धरने पर बैठी महिलाओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे प्रमुख यातायात मार्ग पर घंटों गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।महीनों से खाली हैं खाते, बढ़ती महंगाई ने बिगाड़ा बजट प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सरकार पर वादा खिलाफी का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चुनाव से ठीक पहले बड़े-बड़े वादे करके उनके आवेदन जमा कराए गए थे। महीनों बीत जाने के बाद भी आज तक उनके बैंक खातों में योजना की एक भी किस्त नहीं आई है। बाजार में हर जरूरी चीज के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे मध्यम और गरीब परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह चरमरा गया है। ऐसे समय में सरकारी मदद न मिलना महिलाओं के गुस्से की सबसे बड़ी वजह बना।भेदभाव की राजनीति पर तीखा प्रहार आंदोलन के दौरान महिलाओं का गुस्सा वोट बैंक की राजनीति पर जमकर फूटा। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने तीखे तेवर दिखाते हुए सवाल किया, “जब चुनाव आते हैं, तो कोई नेता यह कहकर वोट मांगने से मना नहीं करता कि दो मंजिला मकान या गाड़ी वालों को वोट नहीं देना है। जब वोट सबका समान है, तो फिर योजना का लाभ देने में यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है?” महिलाओं ने साफ कहा कि हक देने के नाम पर सरकार अब अपनी आंखें फेर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।पानी की किल्लत ने आग में घी का काम किया योजना की राशि में हो रही देरी के साथ-साथ इलाके में गहराए जल संकट ने महिलाओं के सब्र का बांध तोड़ दिया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि चुनाव से पहले तक इलाके में दिन में दो बार पानी की आपूर्ति की जाती थी। मगर चुनाव खत्म होते ही पानी की सप्लाई आधी कर दी गई है। अब सिर्फ दिन में एक बार, वह भी महज एक घंटे के लिए पानी दिया जा रहा है। भीषण गर्मी और उमस के इस मौसम में इतने कम पानी से पूरे परिवार की जरूरतें पूरी करना नामुमकिन हो गया है।पुलिस के छूटे पसीने, आश्वासन के बाद खुला जामव्यस्त बाइपास मार्ग पर घंटों से जारी इस महासंग्राम की सूचना मिलते ही बराकर फाड़ी प्रभारी अंजन कुमार रजक भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। आक्रोशित महिलाओं को सड़क से हटाने में पुलिस अधिकारियों के पसीने छूट गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काफी देर तक समझाया और संबंधित अधिकारियों तक उनकी मांगें पहुंचाने का भरोसा दिया। उचित कार्रवाई और जल्द समाधान के ठोस आश्वासन के बाद महिलाएं शांत हुईं और सड़क से जाम हटाया गया। महिलाओं ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि उनके खातों में बकाया राशि तुरंत नहीं भेजी गई और दो समय पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो वे इससे भी बड़ा आंदोलन शुरू करेंगी।










