देन्दुआ में सुलग रही मजदूर आंदोलन की चिंगारी: बाहरी श्रमिकों से काम कराने पर भड़का भारी तनाव-
न्यूनतम मजदूरी की मांग पर आसनसोल के सालांपुर में बवाल-
फैक्ट्रियों के गेट पर डटे स्थानीय मजदूर, प्रबंधन पर धमकी देने का आरोप-
धूल-मिट्टी सहें हम, मलाई खाएं बाहरी’, आक्रोशित श्रमिकों ने दी डीएम दफ्तर घेरने की चेतावनी

कुल्टी:राज्य सरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर सालांपुर ब्लॉक का देन्दुआ औद्योगिक क्षेत्र इस समय बारूद के ढेर पर बैठा है। सकाम्भरी ग्रुप की ‘एलक्वेंट’ फैक्ट्री से भड़की आंदोलन की यह चिंगारी अब पड़ोसी रामदूत फैक्ट्री तक पहुंच चुकी है। स्थानीय मजदूरों ने प्रबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी जायज मांगों को कुचलने के लिए बाहर से मजदूर लाकर काम कराया जा रहा है, जिसके कारण सोमवार सुबह से ही पूरे इलाके में भारी तनाव व्याप्त हो गया है।शांति की कोशिशें नाकाम, सोमवार सुबह फिर भड़का गुस्साबता दें कि शनिवार से शुरू हुआ यह आंदोलन रविवार को बीजेपी प्रतिनिधिमंडल की मध्यस्थता के बाद कुछ शांत हुआ था। तय हुआ था कि जो मजदूर स्वेच्छा से काम पर जाना चाहते हैं, वे जा सकते हैं। लेकिन सोमवार सुबह स्थिति उस समय फिर बिगड़ गई जब मजदूरों ने प्रबंधन की गाड़ियों में भरकर बाहरी लोगों को फैक्ट्री के भीतर जाते देखा।मजदूर नेता अमर महतो का बयान: “बुधवार को इस मामले पर बैठक होनी तय हुई थी। हम गेट के बाहर पूरी तरह शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। लेकिन प्रबंधन ने सरकार द्वारा तय 386 रुपये की न्यूनतम मजदूरी देने के बजाय बाहर से श्रमिक बुलाकर काम शुरू करवा दिया। इस तानाशाही रवैये ने आग में घी डालने का काम किया है।”प्रशासनिक रवैये और धमकियों से बढ़ा आक्रोशआंदोलनकारी मजदूरों का गुस्सा इस बात पर भी है कि पुलिस और स्थानीय प्रशासन उनकी जायज लड़ाई में साथ देने के बजाय मिल मालिकों का पक्ष ले रहा है।”फैक्ट्री का प्रदूषण, धूल और मिट्टी हम झेलें, और रोजगार बाहरी लोग ले जाएं… यह कैसी नीति है?”- आक्रोशित स्थानीय मजदूरश्रमिकों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रबंधन के गुर्गे उन्हें आंदोलन वापस न लेने पर ‘बाहर देख लेने’ की सीधी धमकियां दे रहे हैं।बड़ी औद्योगिक हड़ताल की सुगबुगाहटमजदूरों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। श्रमिक संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि बुधवार की बैठक में सरकार के निर्देशानुसार न्यूनतम मजदूरी लागू नहीं की गई, तो देन्दुआ की सभी फैक्ट्रियों के पहिये जाम कर दिए जाएंगे। इसके बाद जिला शासक (डीएम) कार्यालय के सामने एक विशाल और अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। फिलहाल सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में पुलिस बल की हलचल तेज है।










