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हक की हुंकार: 20 सितंबर को पुरुलिया में जुटेगा कुड़मी-बाउरी-आदवासी समाज, महारैली का शंखनाद

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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हक की हुंकार: 20 सितंबर को पुरुलिया में जुटेगा कुड़मी-बाउरी-आदवासी समाज, महारैली का शंखनाद

कुल्टी में समाज की अहम बैठक; अजीत प्रसाद महतो का भव्य सम्मान,

कुल्टी:संकतोड़िया हॉस्पिटल मोड़ स्थित अंबेडकर भवन में अखिल भारतीय बाउरिया समाज और कुड़मी समाज की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में समाज के अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और न्यूनतम मजदूरी जैसे गंभीर विषयों पर गहन मंथन किया गया। बैठक के दौरान अखिल भारतीय बाउरिया समाज द्वारा कुड़मी समाज के मुख्य मार्गदर्शक (मूल मंता) अजीत प्रसाद महतो को साल और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया।जोखिम में जान, पर नहीं मिल रहा हक बैठक को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने स्थानीय उद्योगों की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र की खदानों और फैक्ट्रियों में हमारे समाज के लोग अपनी जान जोखिम में डालकर दिन-रात काम कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें उनके हक की न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिल रही है। इस आर्थिक और सामाजिक शोषण के खिलाफ अब संगठित होकर आवाज बुलंद करना अनिवार्य हो गया है।20 सितंबर को पुरुलिया में ‘करम परब महाजुट’इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 20 सितंबर को पुरुलिया के कोराडीह मैदान में आयोजित होने वाले ‘करम परब महाजुट’ (महारैली) की तैयारियों की रूपरेखा तैयार करना था। बाउरी समाज के वरिष्ठ नेता गणेश बाउरी ने एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि अजीत प्रसाद महतो के मार्गदर्शन में पूरा समाज अपने अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगा। उन्होंने यह भी साझा किया कि इस ऐतिहासिक महाजुटान में पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी भी विशेष रूप से शामिल होंगे।बच्चों के भविष्य को बचाने की लड़ाई: अजीत महतोसमाज के मुख्य मार्गदर्शक अजीत प्रसाद महतो ने अपने संबोधन में भावुक और ओजस्वी अपील की। उन्होंने कहा, “मैं किसी राजनैतिक या प्रशासनिक पद पर नहीं हूं। समाज मुझे अपना ‘मूल मंता’ (मुख्य मार्गदर्शक) मानता है, यही मेरा सबसे बड़ा दायित्व है। मैं सभी बाउरी, संथाल और आदिवासी भाइयों से आह्वान करता हूं कि वे आगामी 20 सितंबर को भारी से भारी संख्या में पुरुलिया चलें। यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की लड़ाई है।”

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